हिमाचल के School में teachers और staff के 2,982 पद खाली, education system पर मंडराया संकट

2,982 posts of teachers and staff vacant in Himachal's schools, crisis looms over the education system

Last Updated on December 20, 2024 by Ankur Sood

हिमाचल प्रदेश की education system में एक बड़ी खामी उजागर हुई है। राज्य के स्कूलों में teachers और अन्य staff कर्मचारियों के कुल 2,982 पद खाली पड़े हैं। इस गंभीर स्थिति को लेकर शिक्षा मंत्री ने हाल ही में विधानसभा में जानकारी दी।

खाली पदों की श्रेणियां और स्थिति

शिक्षकों के पद

  • प्राथमिक और उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी।
  • गणित, विज्ञान, और अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के विशेषज्ञ शिक्षकों की अधिक जरूरत।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी खराब।

मंत्रिस्तरीय पद

  • स्कूलों में क्लर्क, सहायक और प्रशासनिक कर्मचारियों के पद लंबे समय से खाली।
  • प्रशासनिक कार्य बाधित, जिससे छात्रों और शिक्षकों को परेशानी हो रही है।

शिक्षा मंत्री का बयान: कब होंगे पद भरे?

शिक्षा मंत्री ने स्वीकार किया कि खाली पदों की वजह से शिक्षा की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है।

  • भर्ती की योजना:
    1. नए शिक्षकों और कर्मचारियों की भर्ती के लिए प्रक्रियाएं जल्द शुरू होंगी।
    2. चरणबद्ध तरीके से पद भरे जाएंगे।
    3. राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से नियुक्तियां सुनिश्चित होंगी।
  • फोकस: प्राथमिकता उन स्कूलों को दी जाएगी, जहां स्थिति गंभीर है।

क्या कहते हैं आंकड़े?

  • कुल रिक्त पद: 2,982
  • शिक्षक: लगभग 2,000 से अधिक
  • मंत्रिस्तरीय कर्मचारी: 982
  • ग्रामीण क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित।

छात्रों और अभिभावकों की नाराजगी

  • शिक्षा पर असर: शिक्षक न होने से कक्षाएं नियमित नहीं हो पा रहीं।
  • ग्रामीण इलाकों में संकट:
    • छोटे स्कूलों में शिक्षक एक से अधिक विषय पढ़ाने को मजबूर।
    • छात्रों की पढ़ाई पर दीर्घकालिक प्रभाव।
  • अभिभावकों की मांग:
    • जल्द से जल्द पद भरे जाएं।
    • शिक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए।

विशेषज्ञों की राय: समस्या का समाधान कैसे?

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि:

  • तेजी से भर्तियां: रिक्त पदों को भरने के लिए समयबद्ध योजना बनानी होगी।
  • डिजिटल शिक्षा का सहारा: शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए ऑनलाइन कक्षाओं का आयोजन।
  • स्थायी समाधान: भविष्य में ऐसी स्थिति न आए, इसके लिए नियमित भर्ती प्रक्रिया।

राजनीतिक विवाद: विपक्ष का हमला

विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए इसे प्रशासनिक विफलता बताया है।

  • “सरकार बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।”
  • “पद खाली होने से हिमाचल की शिक्षा प्रणाली जर्जर हो रही है।”

भविष्य की राह: क्या हिमाचल की शिक्षा व्यवस्था पटरी पर आएगी?

क्या सरकार जल्द से जल्द इन रिक्तियों को भरने में सक्षम होगी, या यह समस्या और गंभीर होगी?
छात्रों और अभिभावकों की निगाहें अब सरकार की अगली कार्रवाई पर हैं।

Author

  • Ankur Sood

    नमस्कार! मैं अंकुर सूद, और मैं हिमाचल बुलेटिन्स के लिए लेखन करता हूं। मेरी विशेष रुचि ऑटोमोबाइल तकनीक, नौकरी संबंधित सूचनाओं, खेल, और हिमाचल की ताजा खबरों में है।मेरी कोशिश रहती है कि मेरे लेख पाठकों को उपयोगी और नई जानकारी प्रदान करें। हिमाचल प्रदेश से जुड़ी ताजा अपडेट, नई तकनीक की बातें, करियर के अवसर, और खेल जगत की रोमांचक खबरें आप तक पहुंचाने का मेरा यह प्रयास जारी रहेगा।आपके सुझाव और विचार मेरे लिए बेहद मूल्यवान हैं।

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