Last Updated on December 23, 2024 by Ankur Sood
Manali. हिमाचल प्रदेश के Manali से एक ऐसा नाम सामने आया है जिसने अपनी काबिलियत से पूरे देश को हैरान कर दिया है। मात्र 5 साल की उम्र में Saksham ने तीसरा National Record बनाकर इतिहास रच दिया है। इतनी छोटी उम्र में ऐसा अनोखा कारनामा कर सक्षम ने यह साबित कर दिया है कि उम्र केवल एक संख्या है और प्रतिभा हर बाधा को पार कर सकती है।
कौन है Saksham और क्या है उसकी उपलब्धि?
Saksham हिमाचल प्रदेश के Manali का रहने वाला एक होनहार बालक है। पांच साल की उम्र में ही उसने अपने तीसरे नेशनल रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया है। उसने यह उपलब्धि देश के विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपनी अद्वितीय प्रतिभा दिखाकर हासिल की। सक्षम ने ऐसे टास्क पूरे किए हैं, जो आमतौर पर बड़े-बड़े खिलाड़ी या विशेषज्ञ कर पाते हैं।
कैसे बना तीसरा नेशनल रिकॉर्ड?
Saksham ने योग और बैलेंस से जुड़ी एक बेहद कठिन प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और सभी को पीछे छोड़ते हुए नेशनल रिकॉर्ड अपने नाम किया। इस प्रतियोगिता में उसे बेहद कठिन आसनों को सटीकता और संतुलन के साथ पूरा करना था। इतना ही नहीं, सक्षम ने इसे मात्र 5 मिनट के भीतर कर दिखाया।
इससे पहले भी Saksham ने दो और नेशनल रिकॉर्ड अपने नाम किए थे, जिनमें से एक स्पीड बैलेंसिंग और दूसरा सबसे लंबे समय तक ध्यान मुद्रा में रहने का था।
सक्षम की मेहनत और परिवार का समर्थन
Saksham की इस कामयाबी के पीछे उसकी कठिन मेहनत और परिवार का बड़ा योगदान है। सक्षम के माता-पिता ने उसके टैलेंट को पहचाना और उसे आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किया। उसकी मां का कहना है, “सक्षम बचपन से ही अलग था। उसकी रुचि योग, खेल और ध्यान में बचपन से थी। हमने उसकी रुचि को बढ़ावा दिया और आज वह इस मुकाम पर पहुंच गया।”
हिमाचल का गौरव बना सक्षम
Saksham की इस उपलब्धि ने न केवल मनाली बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन किया है। उसकी कामयाबी ने दिखा दिया है कि हिमाचल के छोटे-छोटे गांवों में भी ऐसी प्रतिभाएं छुपी हुई हैं, जो सही मार्गदर्शन मिलने पर इतिहास रच सकती हैं।
प्रशासन और समाज की प्रतिक्रिया
Saksham की इस कामयाबी पर स्थानीय प्रशासन और समाज के लोगों ने भी गर्व व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने सक्षम को बधाई देते हुए कहा कि यह हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने यह भी कहा कि सक्षम जैसे बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार हर संभव मदद करेगी।
Saksham का सपना
सक्षम का सपना है कि वह भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने हुनर का प्रदर्शन करे और देश के लिए गोल्ड मेडल लेकर आए। उसने यह भी कहा कि वह योग और ध्यान को जीवन का अहम हिस्सा मानता है और सभी बच्चों को इसे अपनाने की सलाह देता है।
छोटे बच्चों के लिए प्रेरणा बना सक्षम
सक्षम की इस उपलब्धि ने साबित कर दिया है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। उसकी कहानी उन सभी बच्चों और उनके माता-पिता के लिए प्रेरणा है, जो अपने बच्चों में छुपी हुई प्रतिभा को पहचानने और उसे बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं।
सक्षम की कहानी हमें सिखाती है कि मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। 5 साल के सक्षम ने अपनी प्रतिभा से हिमाचल ही नहीं, पूरे देश को गर्व करने का मौका दिया है। हम उम्मीद करते हैं कि वह भविष्य में और भी बड़ी उपलब्धियां हासिल करेगा और देश का नाम रोशन करेगा।



