Last Updated on December 14, 2024 by Ankur Sood
Solan जिले के कुमारहट्टी क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। ग्राम पंचायत अनहेच के गांव रिहूं में तीन युवकों की जान चली गई, जिसका कारण उनके कमरे में जलती हुई कोयले की अंगीठी से फैली जहरीली गैस बताई जा रही है। यह घटना न केवल स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर गई है, बल्कि ठंड के मौसम में कोयले की अंगीठी के खतरों पर भी सवाल खड़े कर रही है।
कैसे हुआ हादसा?
घटना सोमवार सुबह की है, जब मकान मालिक ने तीनों कारीगरों के कमरे का दरवाजा खटखटाया। कई बार कोशिश करने के बावजूद जब अंदर से कोई जवाब नहीं मिला, तो मकान मालिक राजकुमार ने तुरंत पंचायत प्रतिनिधियों और पुलिस को सूचित किया।
पुलिस और स्थानीय लोगों ने खिड़की की जाली तोड़कर कमरे का दरवाजा खोला। अंदर का दृश्य बेहद दर्दनाक था—तीनों युवक बिस्तर पर मृत पड़े थे और कमरे में जलती हुई कोयले की अंगीठी रखी हुई थी। शुरुआती जांच में पाया गया कि अंगीठी से निकली जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस ने उनकी जान ले ली।
मृतकों की पहचान
पुलिस के मुताबिक, मृतक युवकों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- सुरेश कुमार (24 वर्ष)
- अरबाज (22 वर्ष)
- सूरज (20 वर्ष)
तीनों युवक प्रवासी कारीगर थे और गांव में एक किराए के कमरे में रहते थे। वे सर्द रातों में ठंड से बचने के लिए अंगीठी का इस्तेमाल करते थे, लेकिन यह जानलेवा साबित हुई।
मौके पर पुलिस और प्रशासन
घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी परवाणू और स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में पुलिस का मानना है कि कमरे में वेंटिलेशन की कोई व्यवस्था नहीं थी, जिससे कोयले की अंगीठी से निकली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस कमरे में भर गई और दम घुटने से तीनों की मौत हो गई। पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
स्थानीय लोगों में शोक का माहौल
इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है। मकान मालिक और स्थानीय निवासियों ने बताया कि तीनों युवक मेहनती और शांत स्वभाव के थे। उनकी असमय मौत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। पंचायत प्रतिनिधियों ने लोगों को ठंड के मौसम में कोयले की अंगीठी का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है।
सावधानी क्यों है जरूरी?
ठंड के मौसम में कोयले की अंगीठी का इस्तेमाल आम बात है, लेकिन इससे होने वाले खतरों को नजरअंदाज करना घातक साबित हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक:
- वेंटिलेशन का ध्यान रखें: बंद कमरे में कोयले की अंगीठी का उपयोग कभी न करें।
- कार्बन मोनोऑक्साइड का खतरा: कोयले की अंगीठी से निकलने वाली यह गैस रंगहीन और गंधहीन होती है, लेकिन बेहद जहरीली होती है।
- खुले में अंगीठी का इस्तेमाल करें: अगर अंगीठी का उपयोग जरूरी हो, तो खिड़कियां खुली रखें।
कोयले की अंगीठी के खतरे: यह पहली घटना नहीं
ठंड के मौसम में ऐसी घटनाएं अक्सर सुनने को मिलती हैं। सोलन में हुई इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि गर्माहट पाने के लिए की गई छोटी सी लापरवाही जानलेवा हो सकती है।
जिम्मेदारी से लें सबक
इस घटना से सभी को सबक लेना चाहिए। ठंड से बचाव के लिए सुरक्षित और वैकल्पिक उपाय अपनाएं। प्रशासन को भी जनता को इस तरह के खतरों से आगाह करने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है।
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