Last Updated on December 14, 2024 by Ankur Sood
Himachal Pradesh की 14वीं विधानसभा का बहुप्रतीक्षित सातवां सत्र 18 दिसंबर से 21 दिसंबर तक Dharamshala के प्रतिष्ठित तपोवन विधानसभा भवन में आयोजित किया जाएगा। इस शीतकालीन सत्र को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, और कांगड़ा पुलिस ने इस बार सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी नहीं छोड़ी है।
Tapovan Vidhan Sabha बनेगा अभेद्य किला
धर्मशाला के तपोवन स्थित विधानसभा भवन के आसपास सुरक्षा का ऐसा जाल बिछाया गया है कि परिंदा भी पर नहीं मार सके। इस सुरक्षा व्यवस्था के तहत विधानसभा भवन को दो प्रमुख सुरक्षा सेक्टरों में बांटा गया है। इसके अलावा, पूरे क्षेत्र को सात ट्रैफिक सेक्टर में विभाजित किया गया है ताकि यातायात व्यवस्था में कोई बाधा न आए।
कुल मिलाकर, 1200 पुलिसकर्मियों की भारी-भरकम तैनाती की जाएगी, जिसमें हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर नज़र रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन कैमरों का भी सहारा लिया जाएगा।
17 दिसंबर से हर कोने पर ‘खाकी’ का पहरा
सत्र के लिए 16 दिसंबर तक हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों से पुलिस जवान धर्मशाला पहुंच जाएंगे। 17 दिसंबर से ही चप्पे-चप्पे पर खाकी का पहरा तैनात कर दिया जाएगा। विधानसभा परिसर में 250 से अधिक पुलिसकर्मी मौजूद रहेंगे, जबकि अन्य जवान मंत्रियों के आवास, यातायात और आसपास के इलाकों में तैनात होंगे।
सुरक्षा की गंभीरता को देखते हुए, तपोवन विधानसभा भवन के अंदर मोबाइल, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
कैसे होगी निगरानी?
सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहीं एसपी शालिनी अग्निहोत्री ने बताया कि:
- ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी से हर कोने की निगरानी की जाएगी।
- विधानसभा भवन और इसके आसपास के क्षेत्र में पुलिस बटालियनों के जवान तैनात होंगे।
- ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए पुलिसकर्मी अलग-अलग सेक्टरों में अपनी ड्यूटी निभाएंगे।
Dharamshala बनेगा सुरक्षा का गढ़
पुलिस के मुताबिक, सत्र के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए विशेष बलों को स्टैंडबाय पर रखा गया है। विधानसभा भवन के प्रवेश द्वार से लेकर इसके आसपास के इलाकों में मल्टी-लेयर सुरक्षा व्यवस्था तैयार की गई है।
ड्रोन कैमरों से आसमान से निगरानी: यह पहली बार नहीं है, लेकिन इस बार सुरक्षा में ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल बड़ी संख्या में किया जाएगा। इन ड्रोन कैमरों को विधानसभा परिसर के साथ-साथ आसपास के संवेदनशील इलाकों में तैनात किया जाएगा।
यातायात के लिए विशेष प्रबंध
सत्र के दौरान धर्मशाला में यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए शहर को सात ट्रैफिक सेक्टरों में विभाजित किया गया है। वाहनों की जांच के लिए कई स्थानों पर पुलिस चौकियां स्थापित की जाएंगी। विधानसभा भवन के आसपास के क्षेत्र में केवल आवश्यक वाहनों को प्रवेश की अनुमति होगी।
शीतकालीन सत्र क्यों है खास?
शीतकालीन सत्र में राज्य सरकार के सामने कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए जाने की संभावना है। इस सत्र के दौरान विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच तीखी बहस भी देखने को मिल सकती है। सुरक्षा के इतने कड़े इंतजामों के पीछे एक कारण यह भी है कि हिमाचल के विधानसभा सत्र अक्सर राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
नागरिकों से अपील
पुलिस ने स्थानीय निवासियों और आगंतुकों से अपील की है कि वे सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करें और अनावश्यक गतिविधियों से बचें।
यह सत्र न केवल राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी ऐतिहासिक साबित हो सकता है। धर्मशाला का तपोवन विधानसभा भवन इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है। देखना होगा कि सत्र के दौरान सरकार और प्रशासन इस सुरक्षा को किस हद तक बनाए रखने में कामयाब होते हैं।



