Last Updated on December 21, 2024 by Ankur Sood
भारत की रक्षा में अहम भूमिका निभाने वाले former soldiers का बड़ा हिस्सा पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश से आता है। हाल ही में सामने आए आंकड़े बताते हैं कि देश के कुल पूर्व सैनिकों में से 24 प्रतिशत सिर्फ इन तीन राज्यों से हैं। यह तथ्य इन राज्यों की देशभक्ति और सैन्य परंपरा को और मजबूती से रेखांकित करता है। आइए जानते हैं, कैसे ये राज्य भारतीय सेना के रीढ़ की हड्डी बने हुए हैं।
पंजाब: वीरता की धरती
पंजाब हमेशा से Indian Army के लिए सबसे बड़ा योगदानकर्ता रहा है। यह राज्य अपने बहादुर सैनिकों के लिए जाना जाता है, जिन्होंने देश की रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। प्रथम और द्वितीय विश्वयुद्ध से लेकर कारगिल युद्ध तक, पंजाब के सैनिकों ने अपने शौर्य का परचम लहराया है। यहां के गांवों में हर घर से कोई न कोई सेना में सेवा दे रहा है। पंजाब की इस परंपरा ने इसे ‘देश के रक्षक राज्य’ का खिताब दिलाया है।
हरियाणा: अनुशासन और वीरता का संगम
हरियाणा के युवाओं में अनुशासन और बहादुरी कूट-कूट कर भरी होती है। यह राज्य न केवल खेलों में बल्कि सेना में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराता है। हरियाणा से बड़ी संख्या में सैनिक हर साल भारतीय सेना में भर्ती होते हैं। यहां के पूर्व सैनिक रिटायरमेंट के बाद भी समाज सेवा और ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
हिमाचल प्रदेश: पहाड़ों से निकले देश के प्रहरी
हिमाचल प्रदेश को ‘वीरों की भूमि’ के नाम से जाना जाता है। यहां के दुर्गम पहाड़ों में रहने वाले युवा कठिन परिस्थितियों के बावजूद भारतीय सेना में अपनी जगह बनाते हैं। कारगिल युद्ध हो या कोई अन्य सैन्य अभियान, हिमाचल के सैनिकों ने हमेशा अपने पराक्रम से देश का नाम रोशन किया है।
Former Soldiers के लिए कल्याणकारी योजनाएं
इन राज्यों की सरकारें former soldiers और उनके परिवारों के लिए विशेष योजनाएं चलाती हैं। पेंशन, स्वास्थ्य सेवाएं, रोजगार के अवसर और बच्चों की शिक्षा में मदद जैसी सुविधाएं इन राज्यों में पूर्व सैनिकों को दी जाती हैं। हिमाचल प्रदेश में पूर्व सैनिकों के लिए विशेष स्वास्थ्य योजनाएं हैं, वहीं पंजाब और हरियाणा में उनकी बच्चों की पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप दी जाती है।
युवाओं के लिए प्रेरणा
इन राज्यों के पूर्व सैनिक न केवल युवाओं के लिए प्रेरणा हैं, बल्कि समाज के लिए एक मजबूत स्तंभ भी हैं। उनकी वीरता और बलिदान की कहानियां आज भी हर घर में सुनाई जाती हैं। इससे यहां के युवा सेना में जाने के लिए प्रेरित होते हैं।
देशभक्ति और गर्व की मिसाल
पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की यह सैन्य परंपरा पूरे देश के लिए एक मिसाल है। यह सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इन राज्यों के लोगों की देशभक्ति, बलिदान और समर्पण का प्रतीक है। इन तीन राज्यों की धरती से निकलने वाले ये सैनिक आने वाले समय में भी भारत की रक्षा में अपनी भूमिका निभाते रहेंगे।



