Last Updated on December 21, 2024 by Ankur Sood
हिमाचल प्रदेश में खाद्य तेल की आपूर्ति को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। सरकार ने खाद्य तेल के टेंडर को रद्द कर दिया है, लेकिन जनता को राहत देते हुए यह भरोसा दिलाया है कि अगले तीन महीने की तेल की जरूरत एक साथ पूरी की जाएगी। यह फैसला राज्य में खाद्य तेल आपूर्ति प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
टेंडर रद्द करने का कारण
खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया में कई अनियमितताओं की शिकायतें मिली थीं। इनमें आपूर्ति में देरी और तेल की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हुए थे। राज्य सरकार ने इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे टेंडर को रद्द करने का निर्णय लिया।
तीन महीने का तेल एक साथ देने का दावा
सरकार ने घोषणा की है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत तीन महीने का तेल एक साथ उपलब्ध कराया जाएगा। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि लोगों को बार-बार तेल के लिए इंतजार न करना पड़े और आपूर्ति में किसी तरह की बाधा न आए।
जनता को होगा ये फायदा
- तेल की नियमित आपूर्ति: अब उपभोक्ताओं को बार-बार खाद्य तेल खरीदने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
- भरोसेमंद गुणवत्ता: सरकार ने सुनिश्चित किया है कि तेल की गुणवत्ता को लेकर किसी तरह की शिकायत न हो।
- कीमतों में स्थिरता: बाजार में कीमतों को नियंत्रित रखने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
खाद्य आपूर्ति विशेषज्ञों का मानना है कि तीन महीने का तेल एक साथ देने का फैसला राज्य में खाद्य तेल आपूर्ति प्रक्रिया को और मजबूत बनाएगा। इससे बाजार में खाद्य तेल की कमी और बढ़ती कीमतों पर भी अंकुश लगेगा।
राजनीतिक विवाद भी गर्माया
सरकार के इस फैसले पर विपक्ष ने निशाना साधा है। विपक्षी दलों का कहना है कि टेंडर रद्द करने का फैसला प्रशासनिक विफलता को छिपाने का प्रयास है। वहीं, सरकार ने इसे पारदर्शिता सुनिश्चित करने का साहसिक कदम बताया है।
आगे की राह
राज्य सरकार ने नई टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू करने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा, खाद्य तेल वितरण को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की योजना भी बनाई जा रही है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और जनता को समय पर आवश्यक वस्तुएं मिल सकें।
हिमाचल सरकार के इस फैसले से जहां जनता को राहत की उम्मीद है, वहीं यह देखना दिलचस्प होगा कि आगामी दिनों में खाद्य तेल वितरण प्रक्रिया कितनी प्रभावी साबित होती है।



