Last Updated on November 6, 2024 by Ankur Sood
माचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (HPTDC) ने राज्य के होटलों और रिसॉर्ट्स की बुकिंग के लिए नई नीति अपनाई है। अब HPTDC के Hotels की बुकिंग का प्रबंधन निजी कंपनियों को सौंपा जाएगा, जिससे करोड़ों रुपये की अग्रिम राशि मिलने की संभावना जताई जा रही है। इस कदम से राज्य के पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है और HPTDC को वित्तीय लाभ भी मिलेगा।
निजीकरण का उद्देश्य
इस नीति का उद्देश्य HPTDC के Hotels में बुकिंग को अधिक कुशल और सुगम बनाना है। राज्य सरकार का मानना है कि निजी कंपनियों के साथ साझेदारी से HPTDC को न केवल अग्रिम राशि में वृद्धि मिलेगी, बल्कि बुकिंग की प्रक्रिया में सुधार होगा। इसके साथ ही, पर्यटन में तेजी लाने और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
HPTDC के घाटे में चल रहे कैफे का प्रबंधन निजी हाथों में सौंप दिया जाएगा, लेकिन स्वामित्व के अधिकार पर्यटन उद्योग के पास ही रहेंगे। शीर्ष प्रबंधन ने कुल्लू और मनाली के चार होटलों को पूरी तरह से नया रूप देने का फैसला किया है। मनाली क्लब हाउस में एक आइस स्केटिंग एरिना भी बनाया जाएगा। प्रबंधन समिति के सदस्यों के अलावा प्रबंध निदेशक डॉ. राजीव कुमार और वरिष्ठ प्रबंधक अनिल तनेजा भी मौजूद थे।
बढ़ेगा राज्य का राजस्व
निजी कंपनियों से बुकिंग करवाने से HPTDC को वित्तीय लाभ मिलने की उम्मीद है। अग्रिम राशि के रूप में करोड़ों रुपये प्राप्त होने की संभावना है, जिससे राज्य के पर्यटन राजस्व में वृद्धि होगी। यह राशि होटल के रख-रखाव और सेवा सुधार के लिए उपयोग की जा सकती है, जिससे पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा।
आलोचनाएं और चुनौतियां
हालांकि, इस नीति को लेकर कुछ आलोचनाएं भी हो रही हैं। कुछ लोगों का मानना है कि इस तरह का निजीकरण सरकारी होटलों की स्वायत्तता को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा, स्थानीय लोगों में यह भी चिंता है कि इससे होटल के किराए बढ़ सकते हैं और सभी वर्गों के लिए पर्यटन महंगा हो सकता है।
निष्कर्ष
HPTDC का यह कदम हिमाचल प्रदेश के पर्यटन उद्योग को नई दिशा देने के साथ-साथ वित्तीय मजबूती प्रदान करने वाला हो सकता है। यदि यह योजना सफल रहती है, तो आने वाले वर्षों में राज्य के पर्यटन में महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिल सकता है, जिससे हिमाचल प्रदेश का आकर्षण और बढ़ेगा।



