Last Updated on January 11, 2025 by Ankur Sood
पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में Lohri पर्व को लेकर एक खास उत्साह देखने को मिलता है। 13 जनवरी को इन राज्यों में लोहड़ी मनाई जाएगी और इस अवसर पर सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और अन्य संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है। लोहड़ी भारत के उत्तरी भागों में मनाया जाने वाला प्रमुख त्योहार है, जो न केवल खेती और नई फसलों की खुशी का प्रतीक है बल्कि इसे सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से भी अत्यधिक महत्व प्राप्त है।
- 261KM की रेंज वाला Ultraviolette Tesseract स्कूटर! मात्र ₹100 में 500KM की सवारी!
- 400 KM की रेंज वाली Mahindra XUV 3XO EV जल्द होगी लॉन्च! Nexon EV को मिलेगी टक्कर
- फिर लौटेगी ठंड! Himachal में शीतलहर का अलर्ट, जानिए कहां होगी बर्फबारी
Lohri का महत्व
Lohri मुख्यतः पंजाबी और हरियाणवी संस्कृति से जुड़ा त्योहार है, लेकिन हिमाचल प्रदेश में भी इसे बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह पर्व नई फसल के आगमन का स्वागत करता है और किसानों के लिए विशेष खुशी का अवसर होता है। इसे प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का दिन माना जाता है।
राज्यों में Lohri के लिए छुट्टी की घोषणा
पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की सरकारों ने 13 जनवरी को आधिकारिक छुट्टी की घोषणा की है। इस दिन सरकारी और निजी कार्यालय, स्कूल, और कॉलेज बंद रहेंगे।
कैसे मनाई जाती है Lohri
Lohri पर्व की शुरुआत आग जलाने और उसके चारों ओर लोकगीत गाने से होती है। इस दौरान लोग मूंगफली, गुड़, रेवड़ी और तिल डालकर अग्नि को अर्पित करते हैं। इसे ‘अग्नि देवता’ के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का प्रतीक माना जाता है।
Lohri उत्सव के मुख्य आकर्षण
- अग्नि पूजा: पवित्र अग्नि के चारों ओर नाच-गाना।
- पारंपरिक व्यंजन: सरसों का साग, मक्के की रोटी, तिल-गुड़ की मिठाइयां।
- लोक नृत्य और गीत: भांगड़ा और गिद्धा के प्रदर्शन।
- फसल उत्सव: रबी की फसल के आगमन का स्वागत।
हिमाचल प्रदेश में Lohri का उत्साह
हिमाचल प्रदेश में लोहड़ी का त्योहार अपनी अनूठी परंपराओं के साथ मनाया जाता है। यहां लोग अपने घरों में आग जलाते हैं और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ लोकगीत गाते हैं। पर्वतीय क्षेत्र होने के कारण यहां की लोहड़ी उत्सव में सांस्कृतिक विविधता का अनूठा मेल देखने को मिलता है।
Lohri की सांस्कृतिक महत्ता
लोहड़ी का त्योहार केवल फसल उत्सव नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक भी है। इसे परिवार और समाज के बीच के संबंधों को मजबूत बनाने का अवसर माना जाता है। साथ ही, यह त्योहार नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और संस्कृति से जोड़ने का भी माध्यम है।
मौसम और Lohri
इस बार लोहड़ी पर्व के दौरान ठंड का प्रकोप भी चरम पर है। हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी और पंजाब-हरियाणा में सर्द हवाओं के चलते लोग इस त्योहार को आग जलाकर और गर्म परिधानों के साथ मना रहे हैं।
Also Read:






