Last Updated on February 15, 2025 by Ankur Sood
Himachal Pradesh में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शनिवार को राज्य एकल खिड़की स्वीकृति एवं अनुश्रवण प्राधिकरण की बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में 25 नई औद्योगिक परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जिनमें नए उद्योगों की स्थापना और मौजूदा इकाइयों के विस्तार को शामिल किया गया है।
इस फैसले के तहत राज्य में कुल 883 करोड़ रुपये का निवेश होगा, जिससे लगभग 2,830 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की उम्मीद है। यह हिमाचल के औद्योगिक क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, जिससे न केवल निवेश बढ़ेगा बल्कि राज्य की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिलेगी।
फार्मा और प्लास्टिक उद्योगों को मिली हरी झंडी
बैठक में विभिन्न उद्योगों की स्थापना को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। खासतौर पर फार्मा, प्लास्टिक और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की कंपनियों को मंजूरी दी गई।
इनमें टैबलेट और कैप्सूल निर्माण में अग्रणी मैसर्ज बारफ्लेक्स पॉलीफिल्म्स, मैसर्ज तिवारी फार्मा प्राइवेट लिमिटेड और मैसर्ज माइक्रो फार्मा को सोलन में अपने उद्योग स्थापित करने की अनुमति मिली है। इसके अलावा, प्लास्टिक फिल्म और पीवीसी निर्माण से जुड़ी कंपनियों को भी हरी झंडी दी गई है।
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Himachal के विभिन्न जिलों में लगेंगे उद्योग
हिमाचल के विभिन्न जिलों में इन उद्योगों की स्थापना की जाएगी, जिससे राज्य के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी।
- सोलन जिले में कैप्सूल और टैबलेट निर्माण की इकाइयां लगाई जाएंगी।
- कांगड़ा जिले में आईएमएफएल (इंडियन मेड फॉरेन लिकर) और देशी शराब निर्माण उद्योग की स्थापना होगी।
- सोलन में टेक्सटाइल फैब्रिक और तौलिए बनाने वाली मैसर्ज एफिशिएंट क्रॉप कंट्रोल कंपनी को हरी झंडी दी गई।
- सोलन में जिंक पाउडर निर्माण के लिए मैसर्ज एसए कंसल्टेंसी एंड प्रोजेक्ट्स को अनुमति मिली।
- कोरोगेटेड बॉक्स बनाने वाली रिच प्रिंटर्स और पीयूएफ पैनल निर्माण वाली जयपाली इंफ्रा को भी औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने की मंजूरी दी गई।
Himachal में निवेश के बढ़ते अवसर
राज्य सरकार लगातार निवेशकों को हिमाचल प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। औद्योगिक नीति को सरल बनाया गया है और नई कंपनियों को आकर्षक सब्सिडी और कर लाभ दिए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगपतियों को आवश्यक बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की प्राकृतिक खूबसूरती, शांतिपूर्ण वातावरण और बेहतर कनेक्टिविटी इसे निवेश के लिए एक आदर्श गंतव्य बनाते हैं।
हिमाचल के लोगों को मिलेगा रोजगार
नए उद्योगों की स्थापना से हिमाचल के स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के बेहतरीन अवसर खुलेंगे। सरकार का लक्ष्य राज्य के युवाओं को उनके गृह राज्य में ही रोजगार प्रदान करना है ताकि उन्हें नौकरी के लिए बाहर न जाना पड़े।
औद्योगिक विकास से हिमाचल को क्या लाभ होगा?
- स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती: राज्य में औद्योगिक गतिविधियों के बढ़ने से अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा मिलेगा।
- रोजगार के अवसर: नए उद्योगों से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।
- राजस्व में बढ़ोतरी: औद्योगिक विकास से राज्य सरकार के राजस्व में भी इजाफा होगा, जिससे अन्य विकास कार्यों के लिए धन जुटाया जा सकेगा।
- बुनियादी ढांचे में सुधार: सड़कों, बिजली और पानी जैसी सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे पूरे क्षेत्र का विकास होगा।
- नवाचार और टेक्नोलॉजी का प्रसार: नए उद्योगों के आने से हिमाचल में नई टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा।
सरकार का भविष्य का विजन
हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य को एक औद्योगिक हब बनाने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि अगले कुछ वर्षों में हिमाचल को उद्योगों और निवेश के लिहाज से देश के अग्रणी राज्यों में शामिल किया जाए।
औद्योगिक नीति को और अधिक लचीला बनाने, निवेशकों के लिए आकर्षक प्रोत्साहन योजनाएं लागू करने और उद्योगपतियों को बेहतर बुनियादी ढांचा प्रदान करने की दिशा में राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है।







