Last Updated on November 10, 2024 by Ankur Sood
Himachal Pradesh में नशे की लत से जुड़े मामलों में चिंताजनक वृद्धि देखी जा रही है। खासकर युवाओं और छात्रों में एचआईवी HIV संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। हाल के एक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई कि 5 से 10 प्रतिशत युवा नशे की सुई के इस्तेमाल के कारण एचआईवी जैसी गंभीर बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।
Himachal Pradesh राज्य एड्स कंट्रोल सोसायटी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर राजीव कुमार ने जानकारी दी कि प्रदेश में इस समय 5,870 लोग एचआईवी पॉजिटिव हैं। 1998 से अब तक 304 बच्चों में भी एचआईवी संक्रमण के मामले पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि सभी मरीजों का उपचार चिकित्सकों की देखरेख में चल रहा है। शुक्रवार को होटल हॉली डे होम में आयोजित एक कार्यक्रम में एचआईवी/एड्स के बारे में जानकारी दी गई, जिसमें राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. ललित ठाकुर ने बताया कि सीरिंज के माध्यम से नशा लेना एचआईवी के मुख्य कारणों में से एक है।
डॉ. ललित ठाकुर ने कहा कि पिछले साल के मुकाबले इस साल सितंबर तक 425 नए केस सामने आए हैं, जिनमें से 376 मरीज दवा पर हैं और इनका फॉलोअप भी किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक इस बीमारी को समाप्त किया जा सके।
राज्य एड्स कंट्रोल सोसायटी ने बताया कि Himachal Pradesh में एचआईवी HIV से पीड़ित मरीजों को सरकारी योजनाओं के तहत हर महीने 1500 रुपये, मुफ्त बस पास, और पोषण किट जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जा रही हैं। मरीजों की पहचान गोपनीय रखी जाती है, और इसे सार्वजनिक करने पर कड़े कानूनी प्रावधान भी लागू होते हैं।



