Last Updated on November 21, 2024 by Ankur Sood
उत्तर भारत के प्रसिद्ध सिद्ध पीठ Baba Balak Nath Temple Trust, जो हाल के महीनों में विवादों और अव्यवस्थाओं के कारण चर्चा में था, का पुनर्गठन कर दिया गया है। सरकार ने न्यास में 13 गैर-आधिकारिक सदस्यों (न्यासियों) को नियुक्त किया है, जबकि 19 विशेष आमंत्रित सदस्यों को भी शामिल किया गया है।
बिना न्यासियों के चल रही थी गतिविधियां
पिछले सात महीनों से Baba Balak Nath Trust बिना किसी आधिकारिक न्यासी के कार्य कर रहा था। मार्च 2023 में न्यास को भंग कर दिया गया था, जिसके बाद से इसकी गतिविधियां अस्थिर हो गई थीं।
विवादों ने खींचा ध्यान
मंदिर न्यास में पहले जून और फिर नवंबर 2023 में राशन घोटाले और बकरा नीलामी विवाद सामने आए, जिसने सरकार को पुनर्गठन के लिए मजबूर कर दिया। इन विवादों ने मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे।
नई टीम से उम्मीदें
सरकार को उम्मीद है कि नई नियुक्तियां मंदिर की व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से चलाने में मदद करेंगी और श्रद्धालुओं के विश्वास को बहाल करेंगी। विशेष आमंत्रित सदस्यों की भूमिका मंदिर से जुड़ी पारदर्शिता और स्वच्छता बनाए रखने में अहम होगी।



