Last Updated on November 25, 2024 by Ankur Sood
Himachal के Joginder Nagar स्थित राज्य की सबसे बड़ी Ayurvedic pharmacy में हृदय, शुगर, चर्म रोग और गले से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए लगभग 34 हजार क्विंटल दवाओं का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए कच्चे माल की आपूर्ति शुरू हो चुकी है। फार्मेसी में 14 प्रकार की आयुर्वेदिक दवाओं के साथ-साथ आयुष काढ़े, दर्द निवारक तेल और अन्य औषधियों का निर्माण होगा।
प्रदेश के 1200 हेल्थ सेंटरों तक पहुंचेगी दवाएं
यहां निर्मित दवाओं को प्रदेश के 1200 आयुष हेल्थ केंद्रों और जिलों के आयुर्वेदिक अस्पतालों में भेजा जाएगा। पिछले साल pharmacy ने तीन करोड़ रुपये की लागत से करीब 36,500 किलोग्राम औषधियों का निर्माण किया था। इस बार 2024-25 के लिए निर्माण लक्ष्य को बढ़ाते हुए विभिन्न प्रकार की औषधियों के निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
निर्माण में शामिल प्रमुख औषधियां
- सितोप्लादी चूर्ण: 5,818 किलोग्राम
- अविपत्रिका चूर्ण: 5,646 किलोग्राम
- अश्वगंधा चूर्ण: लगभग 2,500 किलोग्राम
- पंचगुणा तेल: 4,292 लीटर
- त्रिफला और बिल्ब चूर्ण: 3,000 क्विंटल
- तुलस्यादी कसाय: 5,631 किलोग्राम
कच्चे माल की आपूर्ति और निर्माण प्रक्रिया शुरू
आयुर्वेदिक फार्मेसी की प्रभारी डॉ. नीलम के अनुसार, सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद कच्चे माल की आपूर्ति निर्धारित समयसीमा में पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। फार्मेसी में आयुष पद्धति के तहत दवाओं का निर्माण किया जाएगा, जिससे दर्द निवारक तेल और आयुष काढ़ों को भी तैयार किया जा सके।
विशेषज्ञों की राय
आयुर्वेदिक विभाग की उपनिदेशक डॉ. आनंदी शैली ने बताया कि दवाओं का निर्माण उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हृदय, चर्म रोग, शुगर और गले से संबंधित बीमारियों के इलाज के लिए बनाई जा रही दवाएं आयुर्वेदिक पद्धति की वैज्ञानिकता को प्रमाणित करती हैं।



