New slab in GST: सिगरेट, cigarettes, tobacco and aerated drinks पर 35% कर बढ़ाने की योजना

New slab in GST: Plan to increase tax on cigarettes, tobacco and aerated drinks by 35%

Last Updated on December 3, 2024 by Ankur Sood

सरकार कुछ उत्पादों जैसे सिगरेट, तंबाकू उत्पाद और एरेटेड ड्रिंक्स पर वस्तु और सेवा कर (GST) को बढ़ाकर 35% करने की योजना बना रही है। यह प्रस्तावित वृद्धि बाजार पर प्रभाव डाल रही है, जिससे मंगलवार को आईटीसी और वरुण बेवरेजेस जैसे शेयरों में गिरावट देखी गई।

GST Council की बैठक और प्रस्तावित बदलाव

जीएसटी दरों के पुनर्संरचना के लिए गठित मंत्रियों के समूह (GoM) ने 148 वस्तुओं पर कर दरों में बदलाव की रिपोर्ट पूरी कर ली है। रिपोर्ट में सिगरेट, तंबाकू उत्पाद और एरेटेड ड्रिंक्स पर वर्तमान 28% कर दर को बढ़ाकर 35% करने का सुझाव दिया गया है।

इसके अतिरिक्त, चमड़े के बैग, कॉस्मेटिक्स, घड़ियां और जूतों जैसे लक्ज़री सामान पर भी जीएसटी दर को 18% से बढ़ाकर 28% करने की सिफारिश की गई है।

GST क्यों लागू किया गया?

2017 से पहले भारत में अप्रत्यक्ष कर प्रणाली बहुत जटिल थी, जिसमें उत्पाद शुल्क, वैट, सेवा कर आदि शामिल थे। यह प्रक्रिया उपभोक्ताओं और उत्पादकों दोनों के लिए कठिनाई पैदा करती थी। इसे सरल बनाने और आपूर्ति श्रृंखला के हर चरण में लगने वाले करों को समाप्त करने के लिए जीएसटी लागू किया गया।

जीएसटी के तहत कर केवल उपभोग के बिंदु पर लगाया जाता है, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी और आसान बनती है।

GST के कर स्लैब

जीएसटी की दरें 0% से लेकर 28% तक हैं। वर्तमान में, जीएसटी चार स्तरों में विभाजित है:

  • 5%
  • 12%
  • 18%
  • 28%

आवश्यक वस्तुओं पर या तो कोई कर नहीं लगता या उन्हें सबसे कम स्लैब में रखा जाता है, जबकि लक्ज़री और हानिकारक वस्तुओं पर उच्चतम स्लैब लागू होता है।

विशेष उपकर (Cess):
कुछ वस्तुओं पर मौजूदा कर दर के ऊपर एक अतिरिक्त उपकर भी लगाया जाता है। उदाहरण के लिए, सिगरेट और एरेटेड ड्रिंक्स, जो 28% के उच्चतम कर स्लैब में आते हैं, पर 15% का अतिरिक्त उपकर लगाया जाता है।

जीएसटी दरों का निर्णय कैसे होता है?

जीएसटी काउंसिल, जो केंद्रीय वित्त मंत्री की अध्यक्षता में काम करती है, जीएसटी से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर सिफारिशें करती है। इसमें केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और सभी राज्यों के वित्त मंत्री सदस्य होते हैं।

महत्वपूर्ण निर्णय:

  • कौन से उत्पाद और सेवाएं जीएसटी के तहत आएंगे या छूट प्राप्त करेंगे।
  • प्राकृतिक आपदाओं के दौरान अतिरिक्त संसाधन जुटाने के लिए विशेष दरें।
  • कुछ राज्यों के लिए विशेष प्रावधान।

उदाहरण के लिए, कोविड-19 महामारी के दौरान, काउंसिल ने कोविड संबंधित उत्पादों पर कर की दरों को कम करने का फैसला किया था।

अगली बैठक:
अगली जीएसटी काउंसिल बैठक 21 दिसंबर 2024 को जैसलमेर में आयोजित होगी। इस बैठक में कर दरों में प्रस्तावित बदलावों पर चर्चा की जाएगी।

निष्कर्ष:
जीएसटी दरों में प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य राजस्व बढ़ाना और कर संरचना को और बेहतर बनाना है। हालांकि, इसका बाजार और उपभोक्ताओं पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह आगामी फैसलों पर निर्भर करेगा।

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  • Ankur Sood

    नमस्कार! मैं अंकुर सूद, और मैं हिमाचल बुलेटिन्स के लिए लेखन करता हूं। मेरी विशेष रुचि ऑटोमोबाइल तकनीक, नौकरी संबंधित सूचनाओं, खेल, और हिमाचल की ताजा खबरों में है।मेरी कोशिश रहती है कि मेरे लेख पाठकों को उपयोगी और नई जानकारी प्रदान करें। हिमाचल प्रदेश से जुड़ी ताजा अपडेट, नई तकनीक की बातें, करियर के अवसर, और खेल जगत की रोमांचक खबरें आप तक पहुंचाने का मेरा यह प्रयास जारी रहेगा।आपके सुझाव और विचार मेरे लिए बेहद मूल्यवान हैं।

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