Last Updated on December 5, 2024 by Ankur Sood
Delhi. राजधानी Delhi और NCR में लंबे समय से बंद पड़े निर्माण कार्यों को अब सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद दोबारा शुरू किया जा सकेगा। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में लागू ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के चरण-4 के नियमों में छूट देने की मंजूरी दे दी। कोर्ट ने प्रदूषण प्रबंधन को लेकर हुई सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया और साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि ग्रेप-2 के नियमों से नीचे नहीं जाया जा सकता।
क्या है ग्रेप-4 और क्यों लगाया गया था प्रतिबंध?
ग्रेप-4 के नियमों के तहत प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए निर्माण, सड़क निर्माण, ड्रिलिंग, बोरिंग, खुदाई और स्टोन क्रशर जैसे सभी कार्यों पर पूरी तरह रोक लगाई जाती है। साथ ही कच्ची सड़कों पर वाहनों की आवाजाही और निर्माण सामग्री ढोने वाले वाहनों पर भी प्रतिबंध होता है।
इस बार सुप्रीम कोर्ट ने निर्माण कार्यों पर लगी इस रोक को हटाने का निर्णय इसलिए लिया क्योंकि दिल्ली और एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में सुधार देखने को मिला है। अब उम्मीद है कि जल्द ही सड़कों पर फिर से निर्माण कार्य शुरू होंगे।
प्रदूषण में सुधार का असर
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कोर्ट को जानकारी दी कि बीते हफ्ते दिल्ली के प्रदूषण स्तर में गिरावट आई है। कोर्ट को यह भी बताया गया कि वायु गुणवत्ता में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है, जिससे निर्माण गतिविधियों पर लगे प्रतिबंधों को हटाने पर विचार किया गया। हालांकि, कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि फिलहाल ग्रेप-2 के नियम लागू रहेंगे और इससे नीचे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अब क्या होंगे बदलाव?
ग्रेप-2 के तहत दिल्ली-NCR में प्रदूषण कम करने के लिए सड़कों पर धूल रोकने के उपाय जारी रहेंगे। इनमें मशीनों से सफाई करना, पानी का छिड़काव और कचरे को उठाना शामिल है। प्रदूषण प्रबंधन आयोग के मुताबिक, इन उपायों से वायु गुणवत्ता में और सुधार होने की उम्मीद है।
निर्माण कार्य पर रोक हटने से राहत
इस फैसले से निर्माण क्षेत्र से जुड़े लाखों मजदूरों और कंपनियों को बड़ी राहत मिलेगी। लंबे समय से बंद पड़े प्रोजेक्ट्स अब दोबारा शुरू किए जा सकेंगे। इससे न केवल विकास कार्यों को रफ्तार मिलेगी, बल्कि अर्थव्यवस्था में भी सुधार होगा।
क्या दिल्ली का प्रदूषण और घटेगा या फिर से बढ़ेगा? यह आने वाले दिनों में देखना दिलचस्प होगा।



