Last Updated on December 5, 2024 by Ankur Sood
INDW vs AUSW: टीम इंडिया की ‘बैटिंग तबाही’ की पुरानी कहानी, 11 रन में 6 बैटर पवेलियन लौटे! भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एक बार फिर इतिहास दोहराया और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में बेहद खराब प्रदर्शन किया। 89 रन पर 4 विकेट से ठीक-ठाक स्थिति में खड़ी टीम इंडिया पलक झपकते ही 100 रन पर ऑल आउट हो गई। महज 11 रन के अंदर 6 बैटर पवेलियन लौट गईं, और मैच हाथ से फिसल गया।
टीम इंडिया की पुरानी बीमारी फिर सामने आई
यह कोई पहली बार नहीं हुआ है। 2017 महिला वनडे वर्ल्ड कप फाइनल, 2020 टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल, और 2023 टी-20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल—हर बार टीम इंडिया बड़े मुकाबले में इसी कमजोरी का शिकार हुई है। इस बार भी वही कहानी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दोहराई गई। क्या भारतीय महिला क्रिकेट टीम अपनी पुरानी गलतियों से कभी सबक लेगी?
दिग्गज बैटर का फ्लॉप शो
भारतीय टीम की स्टार बैटर इस मैच में पूरी तरह से नाकाम रहीं।
- स्मृति मंधाना ने 10 गेंदों में सिर्फ 8 रन बनाए।
- हरमनप्रीत कौर, जो टीम की कप्तान हैं, ने 17 रन बनाकर पवेलियन की राह पकड़ ली।
- जेमिमा रोड्रिग्स ने अच्छी शुरुआत की लेकिन 23 रन पर आउट हो गईं।
- दीप्ति शर्मा और ऋचा घोष जैसे खिलाड़ियों से उम्मीदें थीं, लेकिन वो भी टीम को बीच मझधार में छोड़ गईं।
ऑस्ट्रेलिया ने आसान जीत दर्ज की
भारतीय टीम के 101 रन के छोटे से लक्ष्य को ऑस्ट्रेलिया ने 16.2 ओवर में केवल 5 विकेट खोकर हासिल कर लिया। यह हार सिर्फ एक मैच नहीं थी, बल्कि टीम इंडिया के कमजोर बैटिंग ऑर्डर और मानसिक दबाव के आगे घुटने टेकने की कहानी को दोहराने वाला सबूत थी।
टीम मैनेजमेंट पर सवाल
सालों से एक ही गलती दोहराई जा रही है। बड़े मुकाबलों में बार-बार ढहने वाली टीम का समाधान क्यों नहीं निकाला जा रहा है? क्या टीम इंडिया का मैनेजमेंट अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम हो रहा है?
अब समय आ गया है कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम इस बैटिंग तबाही से बाहर निकलने का रास्ता खोजे, वरना सुनहरे पलों की यह बर्बादी जारी रहेगी।



