Last Updated on November 8, 2024 by Ankur Sood
Himachal High Court ने इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन के माध्यम से की जा रही आउटसोर्स भर्तियों पर रोक लगा दी है। यह फैसला कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने सुनाया है। अदालत ने आदेश दिया है कि कॉरपोरेशन के तहत पंजीकृत सभी कंपनियों का डेटा वेबसाइट पर अपलोड किया जाए। जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक आउटसोर्स भर्ती पर रोक जारी रहेगी। मामले की अगली सुनवाई 21 नवंबर को निर्धारित की गई है।
याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि राज्य में लगभग 110 कंपनियां फर्जी पाई गई हैं, इसके बावजूद इन कंपनियों के माध्यम से हजारों लोगों को आउटसोर्स के तहत भर्ती किया जा रहा है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि इन भर्तियों के जरिए युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। कोर्ट ने सरकार से इस संबंध में स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि आउटसोर्स पॉलिसी के तहत केवल कुछ समय के लिए काम करवाने का दावा किया जाता है, लेकिन वास्तव में इन कर्मचारियों से कम वेतन पर कई वर्षों तक कार्य लिया जाता है। याचिकाकर्ता ने फर्जी पाई गई 110 कंपनियों की गहन जांच की मांग करते हुए कहा है कि यह जांच एसआईटी द्वारा एक सेवानिवृत्त हाईकोर्ट न्यायाधीश की निगरानी में होनी चाहिए।
Himachal High Court ने यह भी टिप्पणी की कि जिन पदों के लिए विज्ञापन देकर आउटसोर्स भर्ती की जा रही है, उन्हीं पदों पर सरकार आरएंडपी नियमों के तहत नियमित भर्ती भी कर रही है। मामले की अगली सुनवाई 21 नवंबर को होगी, जिसमें सरकार को अपनी रिपोर्ट पेश करनी होगी।



