Last Updated on January 18, 2025 by Ankur Sood
हिमाचल प्रदेश के Ration Card धारकों के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। राज्य के सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत अब उपभोक्ताओं को सरसों तेल उपलब्ध कराया जाएगा। यह नई व्यवस्था फरवरी 2025 से लागू की जाएगी। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को राहत देना और उनके खानपान की गुणवत्ता में सुधार करना है।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली में बदलाव का उद्देश्य
हिमाचल प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत आवश्यक वस्तुओं को सस्ती दरों पर उपलब्ध कराने के लिए कई कदम उठाए हैं। अब Ration Card धारकों को सरसों तेल देने का निर्णय इसी दिशा में एक अहम प्रयास है। सरकार का मानना है कि सरसों तेल हर परिवार की बुनियादी जरूरत है, और इसे राशन के माध्यम से उपलब्ध कराना गरीब परिवारों को आर्थिक रूप से लाभान्वित करेगा।
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कौन-कौन होंगे लाभार्थी?
सरसों तेल का वितरण हिमाचल प्रदेश के सभी एपीएल (APL) और बीपीएल (BPL) राशन कार्ड धारकों को किया जाएगा। राज्य सरकार ने इस योजना का लाभ सभी पात्र परिवारों तक पहुंचाने के लिए विस्तृत निर्देश जारी किए हैं।
लाभार्थियों की श्रेणियां
| श्रेणी | लाभार्थियों की संख्या |
|---|---|
| बीपीएल परिवार | 3,50,000 परिवार |
| एपीएल परिवार | 5,00,000 परिवार |
| अंत्योदय परिवार | 1,00,000 परिवार |
सरसों तेल की कीमत और वितरण प्रक्रिया
सरकार ने सरसों तेल की सब्सिडी दर निर्धारित की है, ताकि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर इसका अतिरिक्त आर्थिक भार न पड़े। हर राशन कार्ड धारक को मासिक आधार पर दो लीटर सरसों तेल सस्ती दर पर प्रदान किया जाएगा।
सरसों तेल वितरण के मुख्य बिंदु
| विवरण | तथ्य |
|---|---|
| तेल की मात्रा | प्रति परिवार दो लीटर |
| तेल की कीमत | बाजार दर से 30-40% कम |
| वितरण का समय | हर महीने की 1 से 10 तारीख के बीच |
| वितरण केंद्र | सभी सरकारी उचित मूल्य की दुकानें |
उपभोक्ताओं के लिए राहत भरा कदम
सरकार का यह कदम उन परिवारों के लिए बहुत मददगार साबित होगा जो बाजार की बढ़ती कीमतों से जूझ रहे हैं। वर्तमान में सरसों तेल की बाजार कीमत 180-200 रुपये प्रति लीटर है। सरकार द्वारा सब्सिडी पर तेल उपलब्ध कराने से हर परिवार को मासिक बजट में राहत मिलेगी।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समान वितरण
सरसों तेल वितरण योजना को ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में समान रूप से लागू किया जाएगा। इसके लिए सभी उचित मूल्य की दुकानों को समय पर सरसों तेल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, उपभोक्ताओं को किसी भी समस्या से बचाने के लिए ऑनलाइन शिकायत पोर्टल भी शुरू किया गया है।
सरकारी बयान
हिमाचल प्रदेश के खाद्य आपूर्ति मंत्री ने कहा कि यह योजना राज्य के गरीब और जरूरतमंद परिवारों के जीवन स्तर को सुधारने का प्रयास है। उन्होंने यह भी बताया कि इस योजना से न केवल आर्थिक लाभ होगा, बल्कि स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। सरसों तेल में मौजूद पोषक तत्व परिवारों के स्वास्थ्य में सुधार लाने में मदद करेंगे।
योजना के क्रियान्वयन पर नजर
सरकार ने इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला और तहसील स्तर पर विशेष निगरानी टीमें गठित की हैं। ये टीमें यह सुनिश्चित करेंगी कि राशन कार्ड धारकों को तेल समय पर और उचित मात्रा में मिले।
सरसों तेल वितरण योजना हिमाचल प्रदेश के गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी। इस कदम से न केवल लोगों के मासिक बजट पर बोझ कम होगा, बल्कि यह उनके खानपान की गुणवत्ता को भी सुधारने में सहायक होगा।
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