Last Updated on December 11, 2024 by Ankur Sood
हिमाचल प्रदेश में Green and Sustainable Transportation को बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक पहल की गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की उपस्थिति में, परिवहन विभाग और तीन प्रमुख कंपनियों के बीच MOU (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) साइन किया गया। इसके तहत प्रदेश के पांच Green Corridorपर सुविधाओं को अपग्रेड किया जाएगा।
किन कंपनियों को मिली जिम्मेदारी?
- Jio-BP Company
- मंडी-जोगिंद्रनगर-पठानकोट और कीरतपुर-मनाली-केलांग ग्रीन कॉरिडोर विकसित करेगी।
- EVI Technology Company
- परवाणु-ऊना-संसारपुर टेरेस-नूरपुर और परवाणु-शिमला-रिकांगपिओ-लोसर कॉरिडोर को संभालेगी।
- Electroweb Company
- शिमला-हमीरपुर-चंबा ग्रीन कॉरिडोर को विकसित करेगी।
क्या खास होगा इन ग्रीन कॉरिडोर में?
- अगले एक साल के भीतर 41 लोकेशन पर EV charging stations लगाए जाएंगे।
- इन स्थानों पर शौचालय, रेस्तरां, वे-साइड सुविधाएं, और सुपरमार्केट जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
- ई-बस, ई-ट्रक और अन्य ई-व्हीकल के लिए चार्जिंग की सुविधा होगी।
कैसे बदलेगी यात्रा की तस्वीर?
मुख्यमंत्री ने बताया कि ये ग्रीन कॉरिडोर हिमाचल को ई-व्हीकल मॉडल राज्य बनाने की दिशा में बड़ा कदम हैं। इनसे ई-मोबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण को संरक्षित किया जाएगा।
- किराए की आय: कंपनियां राज्य सरकार को 75 लाख रुपए प्रति वर्ष लीज मनी देंगी।
- ट्रांसपोर्ट में बदलाव: पर्यावरण के अनुकूल वाहनों को प्राथमिकता मिलेगी, जिससे प्रदूषण कम होगा।
MOU पर हस्ताक्षर और बड़ा विजन
इस समझौते पर हिमाचल प्रदेश परिवहन विभाग के निदेशक डीसी नेगी, जियो-बीपी कंपनी के अविनाश शर्मा, और ईवीआई टेक्नोलॉजी के राहुल सोनी ने हस्ताक्षर किए। इस दौरान प्रधान सचिव आरडी नजीम और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।
स्मार्ट हिमाचल की ओर बढ़ता कदम
यह परियोजना न केवल हिमाचल प्रदेश की परिवहन प्रणाली को आधुनिक बनाएगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा देगी। अब ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से स्मार्ट और सस्टेनेबल यात्रा का आनंद लें।
हिमाचल में ई-व्हीकल्स के लिए तैयार हो जाइए, जहां हर सफर होगा ग्रीन और क्लीन!



