Himachal में फिर बढ़े Cement के दाम! 4 महीनों में तीसरी बार झटका, जानिए कैसे बढ़ी जनता की परेशानी

Cement prices increased again in Himachal! Shock for the third time in 4 months, know how people's problems increased

Last Updated on December 17, 2024 by Ankur Sood

Shimla. Himachal Pradesh के लोगों के लिए नया साल महंगाई का एक और झटका लेकर आया है। Cement कंपनियों ने 10 रुपये प्रति बैग की बढ़ोतरी कर दी है, जिससे राज्य में सीमेंट की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। इस बढ़ोतरी के साथ ही Solan में एक बैग की कीमत 435 रुपये हो गई है, जबकि अन्य हिस्सों में यह 435 से 545 रुपये प्रति बैग तक पहुंच गई है।

चार महीनों में Cement में 35 रुपये की बढ़ोतरी, जनता बेहाल

पिछले चार महीनों में यह तीसरी बार है जब Cement के दाम बढ़े हैं। 23 अगस्त के बाद से अब तक कुल 35 रुपये प्रति बैग का इजाफा हो चुका है।

सितंबर में दाम बढ़ाने की योजना थी, लेकिन खबर लीक होने के कारण कंपनियों को इसे रोकना पड़ा। हालांकि, दिसंबर में इस योजना को चुपचाप लागू कर दिया गया। हिमाचल के लोग अब महंगे सीमेंट के चलते परेशान हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन इस स्थिति को नियंत्रित करने में विफल नजर आ रहे हैं।

Himachal में Cement सीमेंट, पड़ोसी राज्यों में सस्ता!

हिमाचल प्रदेश सीमेंट का उत्पादन केंद्र है, लेकिन विडंबना यह है कि यहां के लोग इसे पड़ोसी राज्यों की तुलना में महंगे दामों पर खरीदने को मजबूर हैं।

  • राज्य में सीमेंट की कीमत: 435 से 545 रुपये प्रति बैग।
  • पड़ोसी राज्यों में कीमत: इससे 50-70 रुपये कम।

यह अंतर हिमाचल के लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है।

5 वर्षों में 250 रुपये तक बढ़े दाम

पिछले साढ़े 5 वर्षों में सीमेंट की कीमतों में 200 से 250 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। कंपनियों की मनमानी और सरकार की उदासीनता ने आम जनता की परेशानियां और बढ़ा दी हैं। खासकर निर्माण कार्यों से जुड़े लोग और छोटे ठेकेदार इन बढ़ी कीमतों का भारी नुकसान झेल रहे हैं।

सरकार क्यों नहीं ले रही ठोस कदम?

सीमेंट की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार की नाकामी सवाल खड़े कर रही है। जनता का कहना है कि Cement कंपनियां मनमानी कर रही हैं और सरकार इन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही।

हालांकि, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कुछ समय पहले सीमेंट की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंता जताई थी, लेकिन अभी तक किसी ठोस नीति की घोषणा नहीं हुई है।

बढ़ी कीमतों का सीधा असर

  1. निर्माण कार्य प्रभावित: सीमेंट की बढ़ती कीमतों के कारण घर बनाने वालों को भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है।
  2. ठेकेदारों पर दबाव: सरकारी और निजी परियोजनाओं में ठेकेदारों की लागत बढ़ रही है, जिससे काम की गति धीमी हो रही है।
  3. आर्थिक असंतुलन: महंगे सीमेंट के कारण अन्य सामग्री की मांग भी घट रही है, जिससे बाजार में आर्थिक असंतुलन पैदा हो रहा है।

जनता की मांग: कार्रवाई की जरूरत

हिमाचल की जनता मांग कर रही है कि सरकार सीमेंट की कीमतों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए।

  • राज्य में सीमेंट नीति: ताकि उत्पादन करने वाले राज्य में कीमतें नियंत्रित रहें।
  • कंपनियों की जांच: यह देखा जाए कि क्या दाम बढ़ाने के पीछे कोई गैरकानूनी गतिविधि तो नहीं।
  • सब्सिडी या राहत: राज्य सरकार को निर्माण कार्यों के लिए राहत प्रदान करने पर विचार करना चाहिए।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

विशेषज्ञों का मानना है कि हिमाचल में उच्च उत्पादन के बावजूद कीमतों का अधिक होना, लॉजिस्टिक्स और टैक्स पॉलिसी की खामियों को उजागर करता है। सरकार को इस पर ध्यान देकर नीति में बदलाव लाना होगा।

क्या जनता को मिलेगा समाधान?

सीमेंट की बढ़ती कीमतें हिमाचल में एक गंभीर समस्या बनती जा रही हैं।

  • क्या सरकार कदम उठाएगी?
  • या फिर जनता को महंगाई का बोझ उठाना पड़ेगा?

यह देखना होगा कि आने वाले समय में सरकार और कंपनियां इस मसले को कैसे सुलझाती हैं। आप इस बढ़ोतरी से कितने प्रभावित हैं? कमेंट में अपनी राय जरूर दें!

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  • Ankur Sood

    नमस्कार! मैं अंकुर सूद, और मैं हिमाचल बुलेटिन्स के लिए लेखन करता हूं। मेरी विशेष रुचि ऑटोमोबाइल तकनीक, नौकरी संबंधित सूचनाओं, खेल, और हिमाचल की ताजा खबरों में है।मेरी कोशिश रहती है कि मेरे लेख पाठकों को उपयोगी और नई जानकारी प्रदान करें। हिमाचल प्रदेश से जुड़ी ताजा अपडेट, नई तकनीक की बातें, करियर के अवसर, और खेल जगत की रोमांचक खबरें आप तक पहुंचाने का मेरा यह प्रयास जारी रहेगा।आपके सुझाव और विचार मेरे लिए बेहद मूल्यवान हैं।

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