Last Updated on November 13, 2024 by Ankur Sood
Delhi. दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर एक खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, जिससे शहर दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बन गया है। मंगलवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 418 तक पहुंच गया, जिससे लाहौर को भी पीछे छोड़ दिया। प्रदूषण के बढ़ते स्तर के कारण हवा में खतरनाक प्रदूषक कणों की मात्रा स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, 400 से अधिक का AQI “गंभीर” श्रेणी में आता है, जो सांस लेने से लेकर दिल और फेफड़े के रोगों तक कई स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है। Delhi में यह प्रदूषण न केवल स्थानीय कारणों जैसे वाहनों और उद्योगों से उत्पन्न हो रहा है, बल्कि पराली जलाने और सर्दियों के दौरान धूल और धुएं के कणों का जमा होना भी इसकी बड़ी वजह है।
प्रदूषण के बढ़ते स्तर का असर
Delhi में बढ़ते प्रदूषण का असर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों पर ज्यादा दिखाई दे रहा है। सांस की तकलीफ, खांसी, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। इसके अलावा, शहर के कई हिस्सों में कम दृश्यता की भी समस्या देखी जा रही है, जो यातायात के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
प्रदूषण पर नियंत्रण के उपाय
दिल्ली सरकार ने इस प्रदूषण संकट से निपटने के लिए कुछ उपाय किए हैं, जैसे निर्माण कार्यों पर रोक लगाना, पानी का छिड़काव, वाहनों पर नियंत्रण और कृत्रिम बारिश की संभावनाओं पर विचार करना। लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए कड़े और दीर्घकालिक उपाय आवश्यक हैं।
नागरिकों के लिए सुझाव
स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए नागरिकों को घर के अंदर रहना चाहिए, विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को। बाहर जाने पर N95 मास्क का उपयोग करना चाहिए, और घर के भीतर एयर प्यूरीफायर का उपयोग भी लाभकारी हो सकता है। इसके अलावा, सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन्स का पालन करना जरूरी है।
इस बार Delhi का AQI खतरे के स्तर पर पहुंच गया है, जिससे इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।



