Last Updated on December 4, 2024 by Ankur Sood
Amritsar के Golden Temple में बुधवार को Shiromani Akali Dal (SAD) नेता Sukhbir Singh Badal पर एक पूर्व उग्रवादी द्वारा गोली चलाने का प्रयास किए जाने के बाद पंजाब में सियासी घमासान छिड़ गया। इस घटना को लेकर विपक्षी नेताओं ने पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखे हमले किए। कांग्रेस ने पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की।
“पंजाब को आग में झोंकने की साजिश”: अकाली दल का आरोप
शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता दलजीत सिंह चीमा ने इस घटना को “पंजाब को फिर से आग में झोंकने की साजिश” बताया। उन्होंने राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान को जिम्मेदार ठहराया।
चीमा ने कहा, “यह एक बड़ी साजिश है। पंजाब को फिर से अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है। सुखबीर सिंह बादल पर गोली चली, लेकिन भगवान का शुक्र है कि उनकी जान बच गई। मैं मुख्यमंत्री भगवंत मान से पूछना चाहता हूं कि उन्होंने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था के लिए क्या किया है।”
कांग्रेस ने की कड़ी आलोचना, सुरक्षा में लापरवाही का आरोप
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने घटना की निंदा करते हुए इसे राज्य सरकार की “100% विफलता” करार दिया। उन्होंने कहा कि सुखबीर सिंह बादल को ज़ेड श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है, लेकिन सुरक्षा प्रबंध नाकाफी थे।
वड़िंग ने कहा, “यह लोकतंत्र है। यदि किसी को किसी से नफरत है, तो इसका यह मतलब नहीं कि वह गोलियां चलाए। कानून-व्यवस्था पंजाब में पूरी तरह से विफल है। मैं मांग करता हूं कि इस घटना के लिए जिम्मेदार एसीपी और सुरक्षा अधिकारियों को निलंबित किया जाए।”
उन्होंने आगे कहा, “सौभाग्य से गोली बादल को नहीं लगी। लेकिन यह घटना नहीं होनी चाहिए थी। जो भी इसके लिए जिम्मेदार है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
बीजेपी ने आम आदमी पार्टी सरकार पर साधा निशाना
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल को इस घटना के लिए “सीधे जिम्मेदार” ठहराते हुए उनकी सरकार को नाकाम बताया।
पूनावाला ने कहा, “गोल्डन टेम्पल में सुखबीर सिंह बादल पर हमला चिंताजनक है। यह पंजाब में कानून-व्यवस्था के पूरी तरह चरमराने का सबूत है। भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल, जो पंजाब के सुपर सीएम हैं, इस घटना के लिए सीधे जिम्मेदार हैं।”
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि, “क्या यह कोई साजिश थी या सिर्फ सरकार की विफलता? यह केवल निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।”
घटना का विवरण
सूत्रों के अनुसार, सुखबीर सिंह बादल गोल्डन टेम्पल में अपनी धार्मिक सेवा के तहत गार्ड ड्यूटी पर बैठे थे, जब आरोपी नरायण सिंह चौरा ने उन पर पिस्तौल से फायर किया। हालांकि, बादल को कोई चोट नहीं आई और मौके पर ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
यह घटना पंजाब में कानून-व्यवस्था पर गहराते संकट और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की नई लहर को जन्म दे चुकी है। इस मामले में निष्पक्ष जांच के साथ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।



