Last Updated on February 5, 2025 by Ankur Sood
हिमाचल प्रदेश की ऊँचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी के बाद पूरी घाटी एक बार फिर से सफेद चादर में लिपट गई है। Manali और लाहौल-स्पीति में हुई जबरदस्त बर्फबारी से पर्यटकों के चेहरे खिल उठे हैं, वहीं स्थानीय लोगों को भी राहत मिली है। जनवरी में कम बर्फबारी के कारण किसानों और सेब उत्पादकों के चेहरे पर चिंता की लकीरें थीं, लेकिन अब ताजा बर्फबारी से उम्मीदें फिर से जाग गई हैं।
Manali में बर्फबारी से पर्यटन को मिला बढ़ावा
Manali हमेशा से बर्फीले नजारों के लिए मशहूर रहा है और ताजा हिमपात के बाद यहाँ पर्यटकों की भीड़ बढ़ गई है। सोलंग वैली, रोहतांग, मढ़ी और अटल टनल के आसपास का इलाका बर्फ से पट चुका है, जिससे एडवेंचर लवर्स और हनीमून कपल्स का तांता लग गया है।
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होटल व्यवसायियों की मानें तो बर्फबारी के बाद बुकिंग में जबरदस्त उछाल देखा गया है। खासतौर पर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से भारी संख्या में पर्यटक यहाँ पहुंच रहे हैं। बर्फ में स्कीइंग, स्नोबोर्डिंग और अन्य साहसिक खेलों का लुत्फ उठाने वाले एडवेंचर प्रेमी भी यहां उमड़ पड़े हैं।
लाहौल-स्पीति में सफेद जादू – कठिनाइयाँ भी बढ़ीं
लाहौल-स्पीति में हुई भारी बर्फबारी से जहाँ एक ओर पर्यटन को बढ़ावा मिला है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों के लिए मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। केलांग, स्पीति, काजा, गोंधला और सिस्सू जैसे इलाकों में भारी बर्फबारी के कारण तापमान माइनस में पहुँच गया है।
ठंड इतनी कड़ाके की है कि कई स्थानों पर पाइपलाइन जम चुकी हैं और पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। प्रशासन द्वारा बर्फबारी से प्रभावित क्षेत्रों में बर्फ हटाने के लिए मशीनें लगाई गई हैं, लेकिन कुछ मार्गों पर अभी भी सफर जोखिमभरा बना हुआ है।
बर्फबारी से किसानों और सेब बागवानों को राहत
जनवरी में कम बर्फबारी से सेब उत्पादकों और किसानों की चिंता बढ़ गई थी। सेब की फसल के लिए हिमपात बेहद जरूरी होता है, जिससे मिट्टी में नमी बनी रहती है और पेड़ सही ढंग से फल दे पाते हैं। अब जब मौसम ने करवट ली है, तो किसानों और बागवानों ने राहत की सांस ली है।
विशेषज्ञों की मानें तो इस बर्फबारी से इस साल सेब उत्पादन में अच्छा सुधार देखने को मिलेगा। साथ ही, पानी के स्रोतों में बढ़ोतरी होगी, जिससे आने वाले समय में जल संकट की समस्या भी कम होगी।
पर्यटकों के लिए अलर्ट – सफर से पहले लें ताजा अपडेट
प्रशासन ने पर्यटकों को सलाह दी है कि मनाली और लाहौल-स्पीति की यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी जरूर लें। कई ऊँचाई वाले इलाकों में सड़कों पर बर्फ जमने के कारण फिसलन बढ़ गई है, जिससे सफर खतरनाक हो सकता है।
अगर आप मनाली या लाहौल-स्पीति घूमने की योजना बना रहे हैं, तो गाड़ियों में एंटी-स्किड चेन का इस्तेमाल करें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में और बर्फबारी होने की संभावना है, जिससे पर्यटकों को रोमांचक नजारे मिल सकते हैं।






