Last Updated on December 20, 2024 by Ankur Sood
हरियाणा की राजनीति को गहराई से प्रभावित करने वाले और भारतीय राजनीति के एक मजबूत स्तंभ, ओम प्रकाश चौटाला का निधन हो गया है। वे हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के प्रमुख थे। उनके जाने से प्रदेश में शोक की लहर है।
चौटाला का राजनीतिक सफर प्रेरणादायक रहा, जिसने न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश की राजनीति को एक नई दिशा दी। आइए जानते हैं उनके जीवन और उनके योगदान के बारे में।
कौन थे Om Prakash Chautala
ओम प्रकाश चौटाला हरियाणा की राजनीति के एक ऐसे नेता थे, जिन्होंने अपने नेतृत्व और नीतियों से किसानों और आम जनता के बीच एक अलग पहचान बनाई। उनका जन्म 1 जनवरी 1935 को हुआ था। वे पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल के बेटे थे और उनके नेतृत्व में ही उन्होंने राजनीति में कदम रखा।
मुख्यमंत्री के तौर पर योगदान
Om Prakash Chautala ने चार बार हरियाणा के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान किसानों, युवाओं और समाज के वंचित वर्गों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू कीं।
- कृषि सुधार: किसानों के लिए कर्जमाफी और सिंचाई योजनाओं का संचालन।
- शिक्षा और रोजगार: ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर।
- संघर्षमयी नेतृत्व: हमेशा विपक्ष के सामने मजबूत और स्पष्ट विचारधारा के साथ खड़े रहे।
राजनीतिक सफर: संघर्ष और सफलता की कहानी
Om Prakash Chautala का जीवन संघर्ष और सफलता का अद्भुत संगम था। उन्होंने न केवल अपने पिता की विरासत को संभाला, बल्कि अपनी मेहनत और दृढ़ता से INLD को एक मजबूत राजनीतिक पार्टी बनाया।
- 1989 में पहली बार मुख्यमंत्री बने।
- चौधरी देवीलाल के बाद INLD को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
- हरियाणा में किसान आंदोलनों और ग्रामीण विकास में अहम भूमिका निभाई।
निधन से छाई शोक की लहर
ओम प्रकाश चौटाला के निधन की खबर ने हरियाणा समेत पूरे देश में शोक का माहौल बना दिया है। राजनीतिक जगत से लेकर आम जनता तक, हर कोई इस अपूरणीय क्षति से दुखी है।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।
- हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इसे प्रदेश की राजनीति के लिए बड़ी क्षति बताया।
- हजारों समर्थक उनके अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े।
उनकी विरासत: क्या छोड़ा पीछे?
चौटाला ने अपनी राजनीति से समाज के हर वर्ग को प्रभावित किया। उनकी सबसे बड़ी विरासत उनकी पार्टी और उनकी विचारधारा है, जिसे उनके बेटे और पार्टी के अन्य नेता आगे बढ़ा रहे हैं।
उनकी शिक्षाएं और योगदान:
- किसान कल्याण: हरियाणा में किसानों की समस्याओं को सबसे आगे रखा।
- सादगी और जनता से जुड़ाव: आम जनता के लिए हमेशा सुलभ और जनहित में फैसले।
- युवाओं को प्रेरणा: उन्होंने युवाओं को राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया।
राजनीति के एक युग का अंत
Om Prakash Chautala का निधन केवल हरियाणा ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक बड़ी क्षति है। उनकी सादगी, संघर्षशीलता और जनसेवा की भावना हमेशा याद की जाएगी।
उनकी स्मृतियां और उनके योगदान हमेशा उनके समर्थकों और प्रदेश की जनता के दिलों में जीवित रहेंगे। हरियाणा की राजनीति में उनकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकेगी।
हम उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और उनके परिवार को इस कठिन समय में शक्ति की कामना करते हैं।



