Last Updated on December 17, 2024 by Ankur Sood
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि 1 जनवरी 2024 से राज्य के ग्रेड-1 और ग्रेड-2 अधिकारियों और कर्मचारियों को Electricity subsidy का लाभ नहीं मिलेगा। इस कदम का उद्देश्य राज्य की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करना और हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड लिमिटेड (HPSEBL) को मजबूती प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को बिजली बोर्ड की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह निर्णय लिया। इस बैठक में बिजली बोर्ड की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने और आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर चर्चा की गई।
Electricity Board को मिलेगा 100 करोड़ का अतिरिक्त फंड
मुख्यमंत्री सुक्खू ने घोषणा की कि राज्य सरकार बिजली बोर्ड को 100 करोड़ रुपये का अतिरिक्त फंड प्रदान करेगी। यह फंड बिजली बोर्ड को वित्तीय स्थिरता और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं देने में मदद करेगा।
उन्होंने कहा,
“हम बिजली बोर्ड को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और इसके संचालन में कुशलता लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
औद्योगिक और व्यावसायिक दरों में बढ़ोतरी से आएंगे 500 करोड़
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने हाल ही में औद्योगिक और व्यावसायिक बिजली उपभोक्ताओं की दरों में संशोधन किया है, जिससे सरकार को सालाना 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा।
इसके साथ ही सरकार वित्तीय अनुशासन के लिए कई ठोस कदम उठा रही है।
लाइनमैन और टी-मेट्स की होगी भर्ती
बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए मुख्यमंत्री ने बिजली बोर्ड में लाइनमैन और टी-मेट्स की भर्ती की योजना की जानकारी दी।
- प्रमुख उद्देश्य: क्षेत्रीय स्टाफ की कमी को पूरा करना।
- इससे उपभोक्ताओं को अविरल और उच्च गुणवत्ता वाली बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
स्टाफ के पुनर्गठन का निर्देश
मुख्यमंत्री सुक्खू ने अधिकारियों को स्टाफ के तर्कसंगत पुनर्गठन का प्लान तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की तैनाती को इस तरह से व्यवस्थित किया जाए कि बोर्ड के संचालन में सुधार हो और सेवाएं अधिक प्रभावी बनें।
स्टाफ के पुनर्गठन का निर्देश
मुख्यमंत्री सुक्खू ने अधिकारियों को स्टाफ के तर्कसंगत पुनर्गठन का प्लान तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की तैनाती को इस तरह से व्यवस्थित किया जाए कि बोर्ड के संचालन में सुधार हो और सेवाएं अधिक प्रभावी बनें।
स्टाफ के पुनर्गठन का निर्देश
मुख्यमंत्री सुक्खू ने अधिकारियों को स्टाफ के तर्कसंगत पुनर्गठन का प्लान तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की तैनाती को इस तरह से व्यवस्थित किया जाए कि बोर्ड के संचालन में सुधार हो और सेवाएं अधिक प्रभावी बनें।
क्या बदलेगा?
- ग्रेड-1 और ग्रेड-2 सरकारी अधिकारियों की बिजली सब्सिडी समाप्त करने का कदम राज्य के आर्थिक सुधारों का हिस्सा है।
- बिजली बोर्ड को 100 करोड़ रुपये का अतिरिक्त फंड और नए कर्मचारियों की भर्ती से उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।
- औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं से 500 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व बोर्ड की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा।
यह निर्णय हिमाचल प्रदेश के बिजली क्षेत्र में बड़े बदलाव की शुरुआत है। अब देखना होगा कि यह कदम राज्य की आर्थिक स्थिति और उपभोक्ताओं की संतुष्टि पर कितना प्रभाव डालता है।
क्या आप इस निर्णय से सहमत हैं? अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें!



