Last Updated on February 7, 2025 by Ankur Sood
Shimla: हिमाचल प्रदेश Vidhansabha में हाल ही में हुई भर्तियों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा ने इन भर्तियों में धांधली के आरोप लगाए हैं और इसे सरकार की मनमानी बताया है। हालांकि, हिमाचल प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। सचिवालय की ओर से जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि सभी भर्तियां पूरी पारदर्शिता और नियमों के तहत की गई हैं।
Vidhansabha सचिवालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि जैसे राजभवन, हाईकोर्ट और प्रदेश लोक सेवा आयोग में भर्तियां संबंधित सचिवालयों द्वारा की जाती हैं, उसी प्रकार विधानसभा सचिवालय में भी भर्तियां तय प्रक्रिया के अनुसार हुई हैं। सचिवालय ने इस पूरे मामले को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि मीडिया और सोशल मीडिया पर बिना तथ्य जाने भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
31 जनवरी 2025 को हिमाचल प्रदेश Vidhansabha सचिवालय ने जेओए-आईटी, क्लर्क और रिपोर्टर पदों की भर्ती का परिणाम जारी किया था। इसके तुरंत बाद विपक्षी दल भाजपा ने इन भर्तियों को लेकर सवाल खड़े किए। भाजपा नेताओं का आरोप है कि नौकरियों की बंदरबांट की गई और केवल सरकार के करीबी लोगों को ही नियुक्त किया गया।
भाजपा का आरोप: भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि विधानसभा सचिवालय ने 14 पदों पर नियुक्तियां की हैं, जिसमें अधिकांश पद विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और उपाध्यक्ष के गृह जिलों में गए हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के गृह जिला चंबा से 5, मुख्यमंत्री के गृह जिला हमीरपुर से 5 और विधानसभा उपाध्यक्ष के गृह जिला सिरमौर से 2-3 नियुक्तियां हुई हैं। भाजपा का कहना है कि अगर भर्तियां पारदर्शी थीं, तो योग्य अभ्यर्थी केवल इन जिलों से ही क्यों चुने गए?

Vidhansabha सचिवालय ने जारी किए आंकड़े
Vidhansabha सचिवालय ने जारी प्रेस नोट में बताया कि जब से हिमाचल विधानसभा अस्तित्व में आई है, तब से लेकर अब तक सभी जिलों से पात्रता के आधार पर नियुक्तियां की गई हैं। निम्नलिखित जिलों से अभी तक हुई नियुक्तियों का विवरण इस प्रकार है:
पिछले वर्षों में हुई नियुक्तियां:
| जिला | कुल नियुक्तियां |
|---|---|
| शिमला | 37 |
| सिरमौर | 11 |
| बिलासपुर | 3 |
| हमीरपुर | 7 |
| कांगड़ा | 36 |
| ऊना | 3 |
| चंबा | 5 |
| मंडी | 49 |
| किन्नौर | 1 |
| सोलन | 14 |
| कुल्लू | 1 |
| चंडीगढ़ | 1 |
| उत्तराखंड | 2 |
वर्तमान भर्ती प्रक्रिया में चयनित अभ्यर्थी:
| जिला | अभ्यर्थियों का चयन |
|---|---|
| शिमला | 2 |
| सिरमौर | 2 |
| बिलासपुर | 1 |
| हमीरपुर | 7 |
| कांगड़ा | 1 |
| ऊना | 1 |
| चंबा | 15 |
| लाहौल-स्पीति | 1 |
| मंडी | 2 |
विधानसभा उपाध्यक्ष ने दिया इस्तीफे का चैलेंज
विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार ने भाजपा नेताओं के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि यदि भाजपा यह साबित कर दे कि भर्तियों में कोई अनियमितता हुई है, तो वे अपने पद से इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा में जारी रिजल्ट पूरी मेरिट और पारदर्शिता के आधार पर घोषित किया गया है।
उपाध्यक्ष ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल झूठे आरोप लगाकर युवाओं को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि भर्ती प्रक्रिया पहले से निर्धारित मानकों के अनुसार हुई है।
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भाजपा ने की जांच की मांग
भाजपा ने हिमाचल प्रदेश Vidhansabha में हुई इन भर्तियों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि अगर सरकार ने ईमानदारी से भर्ती प्रक्रिया पूरी की है, तो उसे किसी भी जांच से डरने की जरूरत नहीं है। भाजपा इस मुद्दे को विधानसभा सत्र में भी उठाने की तैयारी कर रही है।
क्या कहता है विधानसभा सचिवालय?
विधानसभा सचिवालय ने स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार ही सभी भर्ती नियमों का पालन किया गया है। भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार की धांधली नहीं हुई और सभी नियुक्तियां खुले, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की गई हैं।
सचिवालय ने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति इस प्रक्रिया से असंतुष्ट है, तो वह सूचना के अधिकार (RTI) के तहत भर्ती प्रक्रिया की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकता है।
हिमाचल विधानसभा भर्ती को लेकर सियासी संग्राम तेज हो गया है। जहां एक ओर भाजपा इसे नौकरियों की बंदरबांट बता रही है, वहीं दूसरी ओर सरकार और विधानसभा सचिवालय ने इसे पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया बताया है।
भाजपा इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने की तैयारी कर रही है, जबकि कांग्रेस सरकार इसे विपक्ष का राजनीतिक हथकंडा बता रही है। आने वाले दिनों में यह मामला और भी गरमा सकता है।
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