Himachal Weather Update : Himachal में तेजी से गिरा तापमान, घने कोहरे का येलो अलर्ट

Himachal weather update: Rain is falling rapidly in Himachal, there is danger of dense fog.

Last Updated on November 9, 2024 by Ankur Sood

Himachal Pradesh में इन दिनों तापमान तेजी से गिरता जा रहा है, जिससे ठंड बढ़ती जा रही है। कई क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड का असर स्पष्ट रूप से महसूस किया जा रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बर्फबारी को लेकर ताज़ा जानकारी दी है और घने कोहरे के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

दिन-रात बढ़ रही ठंड, कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें

हिमाचल प्रदेश में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। सर्दी का असर दिन के साथ-साथ रात में भी बढ़ गया है, और मैदानी इलाकों में घना कोहरा छाया हुआ है। कई जगहों पर दृश्यता काफी कम हो गई है, जिससे सड़क यातायात पर इसका असर देखने को मिल रहा है। उदाहरण के लिए, बिलासपुर में सुबह के समय कोहरे के कारण दृश्यता घटकर केवल 20 मीटर रह गई, जिससे वाहन चालकों को काफी सावधानी बरतनी पड़ी। मंडी और सुंदरनगर में भी कोहरे के कारण दृश्यता केवल 50 मीटर तक सीमित रही, जिससे स्कूली बच्चों और दफ्तर जाने वालों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

तापमान में गिरावट जारी, ठंड बढ़ने की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार, हिमाचल में ठंड का असर आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है। विभाग ने अगले दो दिनों तक बिलासपुर और मंडी में घने कोहरे के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि 11 नवंबर को मध्यवर्ती और पहाड़ी इलाकों में बारिश का अनुमान है। तापमान में गिरावट के साथ ही ठंड का प्रकोप बढ़ सकता है।

48 घंटे में बदलेगा मौसम, कुछ जिलों में बर्फबारी की संभावना

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, अगले 48 घंटों में मौसम में बदलाव की संभावना है। मैदानी क्षेत्रों को छोड़कर अन्य जिलों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है। चंबा, कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू, लाहौल-स्पीति और मंडी जिलों में बारिश के साथ बर्फबारी के आसार हैं। 12 और 13 नवंबर को राज्यभर में मौसम साफ रहेगा, लेकिन 14 और 15 नवंबर को पहाड़ी इलाकों में बादल बरस सकते हैं।

ताबो सबसे ठंडा, दो जगहों पर माइनस में तापमान

पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के न्यूनतम तापमान में 0.2 डिग्री की गिरावट आई है। लाहौल-स्पीति के कुछ क्षेत्रों में पारा शून्य से नीचे दर्ज किया गया है, जहां ताबो सबसे ठंडा रहा और तापमान -3.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। अन्य क्षेत्रों में भी तापमान में गिरावट जारी है, जैसे कुकुमसेरी में -0.8 डिग्री, केलंग में 3, समधो में 4.4, कल्पा में 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

सूखे से गेहूं की बिजाई और सेब की फसल पर खतरा

पिछले दो महीनों में पर्याप्त वर्षा न होने के कारण राज्य के कई हिस्से सूखे की चपेट में हैं। इससे गेहूं की बिजाई में देरी हो रही है, और सेब के पेड़ों के सूखने का खतरा भी बढ़ गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि सूखे की वजह से सेब के पौधों की सामान्य वृद्धि में बाधा आई है, जिससे आगामी सीजन में उत्पादन पर असर पड़ सकता है। सेब की खेती हिमाचल की आर्थिकी का प्रमुख हिस्सा है, और इसका सालाना आर्थिक मूल्य करीब 5000 करोड़ रुपये है।

सूखे का असर सेब उत्पादन पर

बागवानी विशेषज्ञों का मानना है कि सेब की तुड़ाई के बाद से राज्य में बारिश नहीं हुई है। अक्टूबर में 98% कम बारिश दर्ज की गई, और नवंबर में अब तक एक बूंद भी नहीं गिरी है। लंबे समय तक ऐसे हालात बने रहे तो सेब के पौधों की सामान्य वृद्धि बाधित हो सकती है, जिससे राज्य के सेब उत्पादन पर गंभीर असर पड़ेगा।

इस तरह, हिमाचल प्रदेश में सर्दियों की शुरुआत ने लोगों के लिए चुनौतियां बढ़ा दी हैं, और मौसम विभाग ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

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  • Ankur Sood

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