Last Updated on November 21, 2024 by Ankur Sood
Shimla. Himachal Pradesh में High Court के आदेश के बाद पर्यटन विकास निगम (HPTDC) के 18 घाटे में चल रहे होटलों को बंद करने का मामला अब सियासी तूल पकड़ चुका है। BJP इसे राज्य सरकार की नाकामी बताकर निशाना साध रही है, तो मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने इस पर कड़ा पलटवार किया है।
भाजपा पर पलटवार
नरेश चौहान ने कहा कि भाजपा नेताओं की बयानबाजी के पीछे उनकी आंतरिक वर्चस्व की लड़ाई छिपी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा प्रदेश में छोटे मुद्दों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर हिमाचल की छवि खराब कर रही है। उन्होंने कहा, “भाजपा नेता हिमाचल को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि सरकार पर्यटन निगम के हालात सुधारने पर गंभीरता से काम कर रही है।”
लीज का मामला और भाजपा का रिकॉर्ड
चौहान ने खुलासा किया कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में पर्यटन निगम के होटलों को लीज पर देने की योजना बनाई गई थी। उन्होंने कहा, “जब विपक्ष ने इसका विरोध किया, तो यह फैसला रोक दिया गया। लेकिन भाजपा के समय में ‘डील’ की चर्चाएं जोरों पर थीं। हमारी सरकार के पास भी ऐसे प्रस्ताव आए थे, जिनमें पार्टी फंड के लिए धन देने की बात थी।”
सरकार की रणनीति
Naresh Chauhan ने बताया कि 64 करोड़ रुपये सरकार के लिए बड़ी राशि नहीं है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया में सरकार पूरी मजबूती से लड़ रही है। उन्होंने कहा कि एक विशेष कमेटी बनाई गई है, जो HPTDC के होटलों की वित्तीय स्थिति सुधारने पर काम करेगी।
ED-CBI के मुद्दे पर सरकार का रुख
हमीरपुर में ED की गिरफ्तारी को लेकर भी चौहान ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “CBI और ED भाजपा के पुराने हथियार हैं, जिनका इस्तेमाल गैर-भाजपा शासित राज्यों को कमजोर करने के लिए किया जाता है। हिमाचल में भी भाजपा इसी रणनीति पर काम कर रही है।”



