Mandi International Mahashivratri Fair: देव परंपराओं और भव्य जुलूसों का भव्य संगम

Mandi International Mahashivratri Fair 2025

Last Updated on February 4, 2025 by Ankur Sood

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में हर साल आयोजित होने वाला Mandi International Mahashivratri Fair न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह राज्य की संस्कृति और परंपराओं का एक अद्वितीय उदाहरण भी है। भगवान शिव को समर्पित यह भव्य आयोजन 2025 में और भी भव्य रूप में देखने को मिलेगा, जहां सैकड़ों देवी-देवताओं की शोभायात्रा, पारंपरिक नृत्य, सांस्कृतिक कार्यक्रम और ऐतिहासिक रीति-रिवाजों का प्रदर्शन किया जाएगा।

कमरूनाग देवता को मिला नया ‘निमंत्रण’

महाशिवरात्रि मेले का सबसे बड़ा आकर्षण हिमाचल के विभिन्न देवताओं का आगमन और उनका पारंपरिक स्वागत होता है। इस साल मेला एक खास वजह से भी चर्चा में है – कमरूनाग देवता को पहला  ‘निमंत्रण प्राप्त हुआ है।

इस बार कमरूनाग देवता को मंडी महाशिवरात्रि मेले में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो उनकी शक्ति और प्रभाव क्षेत्र को दर्शाती है।

Mandi International Mahashivratri Fair

सात दिन तक चलेगा भव्य आयोजन

मंडी का अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि मेला हर साल सात दिनों तक चलता है, जिसमें हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से सैकड़ों देवी-देवता पालकियों में सजे हुए मेले में शामिल होते हैं।

मेला आयोजन में मुख्य रूप से देव परंपरा का पालन किया जाता है, जिसमें देवताओं का मिलन, पूजन, नृत्य और विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियां शामिल होती हैं। इस दौरान पूरा मंडी शहर भक्ति और उत्सव के माहौल में डूब जाता है।

ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व

मंडी का महाशिवरात्रि मेला लगभग 500 साल पुराना बताया जाता है। माना जाता है कि मंडी के राजा सेन ने पहली बार इस मेले का आयोजन किया था। तब से यह परंपरा हर साल चली आ रही है।

इस मेले का विशेष महत्व यह भी है कि इसे “छोटा काशी” भी कहा जाता है। मंडी में मौजूद सैकड़ों प्राचीन शिव मंदिर और ऐतिहासिक धरोहरें इस मेले को और भी खास बनाती हैं।

देवी-देवताओं की भव्य शोभायात्रा

हर साल की तरह इस बार भी महाशिवरात्रि मेले के दौरान देवी-देवताओं की शोभायात्रा निकाली जाएगी।

  • इस शोभायात्रा में सैकड़ों देवता, उनके कारकून (सेवक) और श्रद्धालु शामिल होंगे।
  • पारंपरिक वाद्ययंत्रों की ध्वनि और भक्ति गीतों के साथ मंडी की सड़कों पर भव्य जुलूस निकलेगा।
  • इस दौरान श्रद्धालु देवताओं के दर्शन करेंगे और पूजा-अर्चना करेंगे।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन

महाशिवरात्रि मेले के दौरान केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और लोक कलाओं का भी भव्य प्रदर्शन किया जाता है।

  • हिमाचली लोक नृत्य, नाटी और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां की जाएंगी।
  • देशभर से आए कलाकार अपने संगीत और नृत्य के जरिए मेले की रौनक बढ़ाएंगे।
  • पारंपरिक व्यंजनों और हस्तशिल्प की प्रदर्शनी भी मेले का एक खास आकर्षण होती है।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और प्रशासन की तैयारियां

हर साल महाशिवरात्रि मेले में लाखों श्रद्धालु आते हैं। इस बार भी राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक तैयारियां की हैं।

  • पुलिस बल और स्वयंसेवकों को जगह-जगह तैनात किया जाएगा।
  • मेले के दौरान यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
  • श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष बस सेवा और अस्थायी स्वास्थ्य शिविरों की भी व्यवस्था की गई है।

Mandi International Mahashivratri Fair सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हिमाचल की समृद्ध संस्कृति और परंपरा का प्रतीक भी है। इस वर्ष कमरूनाग देवता के नए नेवड़े और भव्य देव शोभायात्रा के चलते यह मेला और भी खास होने वाला है। श्रद्धालु इस मेले में शामिल होकर भक्ति, आस्था और सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत संगम अनुभव करेंगे।

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  • Ankur Sood

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