Milk cess and Environment cess लागू: हिमाचल में बिजली उपभोक्ताओं को झटका

Milk and environment cess implemented: Shock to electricity consumers in Himachal

Last Updated on November 21, 2024 by Ankur Sood

हिमाचल प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बुरी खबर है। राज्य सरकार ने बिजली की दरों में बढ़ोतरी करते हुए Milk Cess and Environment Cess लागू कर दिया है, जिससे बिजली बिल और महंगा हो जाएगा।

Milk Cess और घरेलू उपभोक्ता

घरेलू उपभोक्ताओं पर अब प्रति यूनिट बिजली खपत पर 10 पैसे का दूध सेस लगाया जाएगा। हालांकि, जिन उपभोक्ताओं का बिजली बिल “जीरो” होगा, वे इस सेस से प्रभावित नहीं होंगे। सरकार का कहना है कि इससे होने वाली आय को हिमाचल में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और दुग्ध उत्पादकों को प्रोत्साहन देने में खर्च किया जाएगा।

पर्यावरण सेस के प्रभाव

औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर पर्यावरण सेस लगाया गया है। इसके तहत:

  • लघु औद्योगिक इकाइयां: 2 पैसे प्रति यूनिट
  • मध्यम औद्योगिक इकाइयां: 4 पैसे प्रति यूनिट
  • बड़े उद्योग और व्यावसायिक कनेक्शन: 10 पैसे प्रति यूनिट
  • अस्थाई कनेक्शन: 2 रुपये प्रति यूनिट
  • स्टोन क्रशर: 2 रुपये प्रति यूनिट
  • इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन: 6 रुपये प्रति यूनिट

300 यूनिट से ज्यादा खपत पर खत्म होगी सब्सिडी

सरकार ने यह भी फैसला लिया है कि 300 यूनिट से अधिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को अब सब्सिडी नहीं दी जाएगी। 300 यूनिट तक बिजली खपत करने वालों को पहले की तरह सब्सिडी मिलती रहेगी। यह बदलाव 1 अक्टूबर से लागू हो गया है।

बिजली उपभोक्ताओं की संख्या

करीब 70 लाख की आबादी वाले हिमाचल में 28 लाख घरेलू बिजली उपभोक्ता हैं। व्यावसायिक उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 2 लाख है।

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  • Ankur Sood

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