Last Updated on November 18, 2024 by Ankur Sood
फिल्म इंडस्ट्री में जहां पुरुष कलाकारों का वर्चस्व है, Nayanthara ने अपनी अलग पहचान बनाकर कई परंपराओं को चुनौती दी है। “Lady Superstar” के नाम से मशहूर Nayanthara ने कड़ी मेहनत और अडिग संकल्प के साथ अपनी जगह बनाई है। उनके जीवन और करियर पर आधारित Netflix Documentary “Nayanthara: Beyond The Fairy Tale” न केवल प्रेरणादायक है बल्कि मनोरंजन से भरपूर भी है।
Nayanthara की जीवन यात्रा पर आधारित डॉक्यूमेंट्री
यह डॉक्यूमेंट्री Nayanthara के करियर की ऊंचाइयों और उनकी व्यक्तिगत चुनौतियों को उजागर करती है। 18 नवंबर को उनके 40वें जन्मदिन पर रिलीज़ हुई यह फिल्म उनके जीवन का उत्सव है। यह पहली बार है जब किसी भारतीय महिला सुपरस्टार को एक विस्तृत डॉक्यूमेंट्री में चित्रित किया गया है।
Documentary में Nayanthara के करियर के शुरुआती संघर्ष, उनके सुपरहिट फिल्मों और “Lady Superstar” के खिताब को पाने की यात्रा को दिखाया गया है। इसमें उनके सह-कलाकारों और निर्देशकों जैसे राणा दग्गुबती, विजय सेतुपति, तमन्ना भाटिया और परवथी तिरुवोथ के विचार भी शामिल हैं।
पेशेवर यात्रा और व्यक्तिगत जीवन का संगम
डॉक्यूमेंट्री का एक हिस्सा Nayanthara की पेशेवर यात्रा को समर्पित है, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे उन्होंने अपनी आलोचनाओं को सकारात्मक बदलाव में बदला। एक आलोचना, जिसमें उन्हें “अत्यधिक वजनदार” बताया गया था, ने उन्हें आत्म-विश्लेषण और पुनर्निर्माण के लिए प्रेरित किया। इस आलोचना के बाद, नयनतारा ने फिल्म “बिल्ला” में बिकनी पहनने का साहसिक कदम उठाया और अपनी अभिनय यात्रा को एक नई दिशा दी।
दूसरा भाग नयनतारा के व्यक्तिगत जीवन पर केंद्रित है, खासकर उनके “ड्रीम वेडिंग” और उनके जीवन साथी, निर्देशक विग्नेश शिवन के साथ संबंधों पर। शादी की तैयारी और समारोह के खास पलों को भी डॉक्यूमेंट्री में जगह दी गई है, जो उनके प्रशंसकों के लिए खास आकर्षण है।
महिला सशक्तिकरण की मिसाल
डॉक्यूमेंट्री यह भी दिखाती है कि कैसे नयनतारा ने यह साबित किया कि एक महिला कलाकार अपने दम पर फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना सकती है। उन्होंने अपने करियर में कई बार महिलाओं के प्रति पूर्वाग्रहों को तोड़ा और एक नए मानक स्थापित किए।
प्रेरणा का स्रोत
नयनतारा की कहानी उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं। उनके संघर्ष और सफलता की यह कहानी न केवल मनोरंजन करती है बल्कि सिखाती भी है कि कैसे असफलताओं को अवसरों में बदला जा सकता है।
“Nayanthara: Beyond The Fairy Tale” न केवल उनके जीवन और करियर का उत्सव है, बल्कि यह भारतीय सिनेमा में महिला सशक्तिकरण का प्रतीक भी है। प्रशंसकों के लिए यह डॉक्यूमेंट्री उनके जीवन के अनदेखे पहलुओं को जानने का एक बेहतरीन मौका है।



