Last Updated on December 11, 2024 by Ankur Sood
Himachal Pradesh में परिवहन क्षेत्र में बड़ा बदलाव आने वाला है। HRTC की तरह अब Private Bus में भी E-Ticketing मशीनें अनिवार्य कर दी गई हैं। परिवहन विभाग ने आदेश जारी करते हुए सभी प्राइवेट बस ऑपरेटरों को अगले दो महीने में यह व्यवस्था लागू करने को कहा है। आदेश न मानने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
E-Ticketing से क्या होंगे बड़े फायदे?
- यात्रियों को मिलेगी पारदर्शिता: ई-टिकटिंग के माध्यम से यात्री अपना किराया सही-सही जान सकेंगे।
- डिजिटल पेमेंट का ऑप्शन: मशीनों में स्कैनर और डिजिटल पेमेंट की सुविधा होगी, जिससे कैश न होने की स्थिति में भी भुगतान आसान हो जाएगा।
- बस मालिकों की आय बढ़ेगी: पारदर्शी प्रक्रिया से बस मालिकों को पूरा रिकॉर्ड मिलेगा और उनकी आय में सुधार होगा।
- कंडक्टर पर होगी निगरानी: मशीनों के जरिए टिकट देने से गड़बड़ियों और “टांका” लगाने जैसी समस्याओं पर लगाम लगेगी।
E-Ticketing मशीनें कैसे काम करेंगी?
- मशीनें जीपीएस और इंटरनेट से जुड़ी होंगी, जिससे ट्रांजेक्शन का पूरा रिकॉर्ड विभाग के पास होगा।
- मशीनों में यात्री किराया पहले से अपडेट किया जाएगा ताकि किसी को ज्यादा चार्ज न किया जाए।
- मशीनों की नियमित चेकिंग की जाएगी ताकि व्यवस्था सही ढंग से लागू हो सके।
क्या होगा अगर आदेश नहीं माने गए?
परिवहन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन बसों में कंडक्टर ई-टिकटिंग मशीन का उपयोग नहीं करेंगे, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। RTO और अन्य अधिकारी नियमित चेकिंग करेंगे ताकि सभी बसें नियमों का पालन करें।
परिवहन निदेशक का बयान:
परिवहन निदेशक डी.सी. नेगी ने बताया कि यह कदम पारदर्शिता और यात्रियों की सुविधा के लिए उठाया गया है। स्टेज कैरिज बसों में यह व्यवस्था अनिवार्य होगी, और इससे न केवल यात्रियों को बल्कि बस ऑपरेटरों को भी फायदा मिलेगा।
यात्रा का अनुभव होगा हाईटेक!
डिजिटल युग के इस कदम से हिमाचल की बस यात्राएं और भी आधुनिक और सुविधाजनक बनेंगी। अब ई-टिकटिंग मशीनों के जरिए किराया देना होगा आसान और गड़बड़ियों का होगा अंत। हिमाचल प्रदेश में इस नई व्यवस्था का लाभ उठाएं और पारदर्शी व स्मार्ट यात्रा का अनुभव करें।
तो तैयार हो जाइए हिमाचल में डिजिटल बस यात्रा के नए युग के लिए!



