Last Updated on January 18, 2025 by Ankur Sood
हिमाचल प्रदेश के Kullu जिले में एक दर्दनाक Paragliding हादसे में तमिलनाडु के एक पर्यटक की मौत हो गई, जबकि पायलट गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना कुल्लू जिले के डोभी क्षेत्र में हुई, जो पर्यटकों के बीच पैराग्लाइडिंग के लिए लोकप्रिय स्थल है। हादसे के बाद पैराग्लाइडिंग की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।
तमिलनाडु के 35 वर्षीय पर्यटक, जो कुल्लू में अपने दोस्तों के साथ छुट्टियां मनाने आए थे, ने पैराग्लाइडिंग का आनंद लेने का फैसला किया। उड़ान के दौरान, तकनीकी खराबी के कारण पैराग्लाइडर नियंत्रण खो बैठा और ऊंचाई से नीचे गिर गया। पर्यटक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पायलट की स्थिति गंभीर
Paragliding के पायलट को भी इस हादसे में गंभीर चोटें आईं। उन्हें कुल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार, पायलट को रीढ़ और पैर में गंभीर चोटें आई हैं।
- 261KM की रेंज वाला Ultraviolette Tesseract स्कूटर! मात्र ₹100 में 500KM की सवारी!
- 400 KM की रेंज वाली Mahindra XUV 3XO EV जल्द होगी लॉन्च! Nexon EV को मिलेगी टक्कर
- फिर लौटेगी ठंड! Himachal में शीतलहर का अलर्ट, जानिए कहां होगी बर्फबारी
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
हिमाचल प्रदेश में Paragliding एक प्रमुख साहसिक खेल है, लेकिन इसके साथ जुड़े हादसे सुरक्षा मानकों की कमी को उजागर करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पैराग्लाइडिंग उपकरणों की नियमित जांच और प्रशिक्षित पायलटों की उपस्थिति सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने पैराग्लाइडिंग ऑपरेटरों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें।
प्रशासन का बयान और कार्रवाई
हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों ने कहा कि यह पता लगाया जा रहा है कि क्या उपकरण ठीक से काम कर रहे थे और क्या पायलट को उड़ान के लिए आवश्यक प्रशिक्षण दिया गया था। प्रशासन ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
हिमाचल में Paragliding के लिए सुरक्षा गाइडलाइंस
हिमाचल प्रदेश सरकार ने साहसिक खेलों के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य है। इनमें उपकरणों की नियमित जांच, पायलटों का लाइसेंस और प्रशिक्षण, और उड़ान से पहले मौसम की जांच शामिल है। हालांकि, यह हादसा दिखाता है कि इन दिशा-निर्देशों का पालन सख्ती से नहीं किया जा रहा है।
हादसे के बाद पर्यटकों में डर
इस घटना के बाद से स्थानीय और बाहरी पर्यटकों में डर का माहौल है। कई पर्यटक, जो साहसिक खेलों का आनंद लेने हिमाचल आते हैं, अब पैराग्लाइडिंग को लेकर संशय में हैं। स्थानीय व्यवसायियों का कहना है कि ऐसे हादसों से पर्यटन पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।
हिमाचल प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता और साहसिक खेलों की लोकप्रियता के बीच सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी है। इस हादसे ने दिखाया है कि पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों में किसी भी तरह की लापरवाही न केवल जानलेवा हो सकती है, बल्कि प्रदेश की छवि को भी प्रभावित कर सकती है। प्रशासन और ऑपरेटरों को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि पर्यटक सुरक्षित और सुखद अनुभव प्राप्त करें।
Also Read:






