Last Updated on December 30, 2024 by Ankur Sood
Punjab में किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी सहित अन्य मांगों को लेकर 30 दिसंबर 2024 को पंजाब बंद का आह्वान किया। इस बंद के दौरान राज्य में व्यापक प्रदर्शन हुए, जिससे सड़कों और रेलवे ट्रैकों पर यातायात बाधित हुआ और जनजीवन प्रभावित हुआ।
बंद का समय और प्रभाव
किसानों द्वारा घोषित यह बंद सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे तक चला। इस दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में किसानों ने सड़कों और रेलवे ट्रैकों पर धरना दिया, जिससे यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। पटियाला-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर धारेरी जट्टन टोल प्लाजा में किसानों के धरने से वाहनों की आवाजाही में बाधा उत्पन्न हुई।
रेलवे सेवाओं पर प्रभाव
किसानों के रेल रोको अभियान के चलते रेलवे ने 150 से अधिक ट्रेनों को रद्द कर दिया, जिसमें वंदे भारत और शताब्दी जैसी प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं। इससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
आपातकालीन सेवाओं को छूट
किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि बंद के दौरान आपातकालीन सेवाएं, जैसे मेडिकल स्टोर, एम्बुलेंस सेवाएं, हवाई अड्डे जाने वाले यात्रियों, नौकरी के लिए इंटरव्यू देने वाले और विवाह समारोह में शामिल होने वालों को छूट दी गई। इससे आवश्यक सेवाओं में कम से कम बाधा सुनिश्चित की गई।
जगजीत सिंह डल्लेवाल की भूख हड़ताल
किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल (70) का आमरण अनशन 35वें दिन भी जारी रहा। उन्होंने चिकित्सा उपचार लेने से इनकार कर दिया है और सरकार से किसानों की मांगें मानने की अपील की है। पंजाब सरकार को उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने के लिए 31 दिसंबर तक का समय दिया गया है।
बंद का व्यापक समर्थन
पंजाब बंद को विभिन्न किसान संगठनों और सामाजिक समूहों का समर्थन मिला। मोहाली, पटियाला, लुधियाना, मोगा, फिरोजपुर, बठिंडा, होशियारपुर, जालंधर सहित अन्य स्थानों पर दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। ग्रामीण इलाकों में बंद का असर अधिक देखा गया, जहां किसानों ने सड़कों को अवरुद्ध किया।
Punjab बंद के माध्यम से किसानों ने अपनी मांगों के प्रति सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। इस बंद के चलते राज्य में यातायात और जनजीवन प्रभावित हुआ, लेकिन आपातकालीन सेवाओं को छूट देकर आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। किसानों की मांगों पर सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार है।



