Last Updated on November 18, 2024 by Ankur Sood
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei ने गोपनीयता बनाए रखते हुए अपने दूसरे बेटे Mojtaba Khamenei को अपना उत्तराधिकारी चुना है। 85 वर्षीय Ayatollah Ali Khamenei, जो कथित तौर पर गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं, अपने जीवनकाल में ही पद से इस्तीफा देकर अपने बेटे को सत्ता सौंप सकते हैं।
यह दावाIsraeli news outlets ynetnews ने किया है, जिसने फारसी भाषा के अंतरराष्ट्रीय मीडिया आउटलेट Iran International के हवाले से इस खबर की पुष्टि की है।
विशेषज्ञों की बैठक और गोपनीयता के निर्देश
रिपोर्ट्स के अनुसार, Iran’s Assembly of Experts के 60 सदस्यों ने 26 सितंबर को खामेनेई के निर्देश पर एक बैठक की। इस बैठक में मोजतबा को खामेनेई का उत्तराधिकारी चुना गया। हालांकि, इस निर्णय पर असेंबली के कई सदस्य सहमत नहीं थे, लेकिन उन्हें इस प्रक्रिया को स्वीकार करने के लिए बाध्य किया गया।
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि बैठक के दौरान असेंबली सदस्यों को गोपनीयता बनाए रखने के लिए धमकियां भी दी गईं। उन्हें चेतावनी दी गई कि अगर बैठक की जानकारी लीक हुई, तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
गोपनीयता क्यों?
खामेनेई के बेटे को उत्तराधिकारी बनाने की इस प्रक्रिया पर जनता के बीच संभावित विरोध का डर है। यह कदम गैर-लोकतांत्रिक माना जा रहा है, और इसकी प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले दो वर्षों से मोजतबा को नेतृत्व के लिए तैयार किया जा रहा है। उन्होंने ईरानी शासन के निर्णय लेने में प्रमुख भूमिका निभाना शुरू कर दिया है। हालांकि, उनके पास न तो अनुभव है और न ही उन्होंने सरकार में कोई औपचारिक पद संभाला है।
उत्तराधिकार में बदलाव की योजना
सूत्रों के अनुसार, अली खामेनेई अपने जीवनकाल में ही सत्ता हस्तांतरण कर सकते हैं। उनका उद्देश्य है कि अपने बेटे को सत्ता सौंपकर उत्तराधिकार का विरोध और संभावित विरोध प्रदर्शन को टाला जा सके।
खामेनेई चाहते हैं कि उनके बाद मोजतबा का नेतृत्व सुनिश्चित हो और सत्ता का हस्तांतरण शांतिपूर्ण तरीके से हो।



