Last Updated on December 17, 2024 by Ankur Sood
Himachal Pradesh. हिमाचल प्रदेश के Una जिले के हरोली क्षेत्र में बनने जा रहा bulk drug park प्रदेश और देश के औद्योगिक विकास का नया अध्याय लिखने के लिए तैयार है। केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास से इस मेगा प्रोजेक्ट पर 10 हजार करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश होगा, जो न केवल प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देगा, बल्कि 20 से 25 हजार लोगों को रोजगार के सुनहरे अवसर भी प्रदान करेगा।
100 यूनिट्स के साथ बनेगा देश का सबसे बड़ा bulk drug park
शुरुआती योजना के तहत इस पार्क में 80 औद्योगिक इकाइयां स्थापित होनी थीं, लेकिन अब सरकार ने इसे बढ़ाकर 100 इकाइयों का लक्ष्य रखा है।
- इस पार्क में फार्मा कंपनियों के लिए कच्चा माल तैयार होगा।
- अभी हिमाचल के बद्दी और नालागढ़ जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में दवाइयों के लिए कच्चा माल चीन और अन्य देशों से मंगवाया जाता है।
- इस प्रोजेक्ट के जरिए भारत आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम बढ़ाएगा।
परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य मार्च 2026
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को तेज गति से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
- केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट की निगरानी खुद अपने हाथों में ली है।
- राज्य सरकार ने केंद्र से 500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि की मांग की है।
- इस राशि का इस्तेमाल पहाड़ी क्षेत्र में भूमि को समतल बनाने और अन्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए होगा।
Bulk Drug Park परियोजना पर आएगी 1923 करोड़ की लागत
21 मार्च, 2020 को केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी।
- कुल लागत: 1923 करोड़ रुपये।
- केंद्र सरकार का अनुदान: 1118 करोड़ रुपये।
- राज्य सरकार का योगदान: 804.54 करोड़ रुपये।
- कुल भूमि क्षेत्र: 1402.44 एकड़।
450 करोड़ रुपये से विकसित होंगी मूलभूत सुविधाएं
बल्क ड्रग पार्क में 450 करोड़ रुपये की राशि बुनियादी ढांचे के विकास पर खर्च की जाएगी।
- 120 मेगावाट बिजली आपूर्ति के लिए 15 करोड़ रुपये का बजट मंजूर।
- 31 करोड़ रुपये पानी की सप्लाई के लिए निर्धारित।
- भूमि समतलीकरण और अधिग्रहण पर 20 करोड़ रुपये।
- जल शक्ति विभाग ने 75% कार्य पूरा कर लिया है।
- 14 किलोमीटर लंबी सड़क का चौड़ीकरण भी योजना का हिस्सा है।
- 15 ट्यूबवेल लगाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने की केंद्र से 500 करोड़ की मांग
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को डीओ नोट लिखकर कहा कि पहाड़ी क्षेत्र की भौगोलिक कठिनाइयों के कारण भूमि समतलीकरण पर अतिरिक्त खर्च हो रहा है। इसके लिए केंद्र से 500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता मांगी गई है।
हिमाचल की औद्योगिक तस्वीर बदलेगा Bulk Drug Park
यह प्रोजेक्ट न केवल हिमाचल, बल्कि पूरे भारत के औद्योगिक क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने वाला है।
- हिमाचल में सस्ता कच्चा माल: फार्मा कंपनियों के लिए कच्चे माल की लागत कम होगी।
- पड़ोसी राज्यों को लाभ: यहां से कच्चा माल अन्य राज्यों में भी भेजा जाएगा।
- रोजगार का सुनहरा अवसर: प्रोजेक्ट से 20-25 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां सृजित होंगी।
अंतिम चरण में ड्राफ्ट टेंडर, जल्द होगा काम शुरू
बल्क ड्रग पार्क का ड्राफ्ट टेंडर फाइनल स्टेज पर है। इस सप्ताह इसे अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।
- केंद्र सरकार की मंजूरी: वन विभाग की मंजूरी अभी लंबित है, जिसे जल्द ही निपटाने की उम्मीद है।
- रिवाइज्ड एस्टीमेट: बिजली बोर्ड और जल शक्ति विभाग से संबंधित बजट को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ?
औद्योगिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रोजेक्ट हिमाचल की औद्योगिक क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
- स्थानीय उद्यमियों को मिलेगा कम लागत में कच्चा माल।
- भारत को चीन और अन्य देशों पर निर्भरता से मिलेगी मुक्ति।
- देश के औद्योगिक विकास में हिमाचल निभाएगा प्रमुख भूमिका।
2026 में तैयार होगा भारत का औद्योगिक चमत्कार!
केंद्र और राज्य सरकार के मजबूत सहयोग से यह प्रोजेक्ट देश की फार्मा इंडस्ट्री को नई दिशा देगा। क्या हिमाचल इस मेगा प्रोजेक्ट को समय पर पूरा कर पाएगा? यह देखना दिलचस्प होगा। क्या यह प्रोजेक्ट हिमाचल को विकास के नए शिखर पर ले जाएगा? कमेंट में अपनी राय जरूर दें!



