Last Updated on December 14, 2024 by Ankur Sood
Uttar Pradesh के Sambhal जिले में एक चौंकाने वाली घटना ने सभी को हैरान कर दिया है। जामा मस्जिद इलाके में प्रशासन की कार्रवाई के दौरान 46 साल से बंद पड़े एक मंदिर का ताला खोला गया। यह मंदिर संभल के सांसद जियाउर्रहमान के घर से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित है। मंदिर के अंदर शिवलिंग और हनुमान जी की प्राचीन मूर्तियां मिली हैं, जिन्हें देखकर लोग हैरान हैं। इस मंदिर को 400 से 1000 साल पुराना बताया जा रहा है, और इसकी पूरी कहानी अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है।
Jama Masjid इलाके में प्रशासन की छापेमारी और पुराना रहस्य
दरअसल, संभल प्रशासन इलाके में अवैध कब्जों और चोरी की बिजली के खिलाफ अभियान चला रहा था। इसी दौरान जामा मस्जिद के पास एक पुराने बंद दरवाजे पर प्रशासन की नजर पड़ी। यह दरवाजा बंद पड़ा था, और उस पर सालों पुराना ताला लटका हुआ था। अधिकारियों ने ताला तोड़कर जब दरवाजा खोला, तो अंदर का नजारा चौंकाने वाला था।
यहां एक शिव मंदिर मौजूद था, जिसमें भगवान शिव, हनुमान जी और अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां पाई गईं। मंदिर के पास एक कुआं भी मिला है, जिसे अब साफ किया जा रहा है।
मंदिर का इतिहास: ASI करेगा जांच
मंदिर की प्राचीनता को लेकर अब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) जांच करेगा। मंदिर में मौजूद शिवलिंग और मूर्तियों की कार्बन डेटिंग के जरिए उनकी उम्र का पता लगाया जाएगा। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक यह मंदिर 400 से 1000 साल पुराना हो सकता है।
डीएम का बयान: “मंदिर जिनका है, उन्हें सौंपा जाएगा”
संभल के जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने कहा,
“हम इलाके में चोरी की बिजली के खिलाफ अभियान चला रहे थे। इसी दौरान यह मंदिर मिला। यह शिव मंदिर है, जो सैकड़ों साल पुराना है। अब इस मंदिर की सफाई कराई जा रही है। मंदिर को वैध रूप से उसके मालिकों को सौंपा जाएगा, और जिन लोगों ने इस पर कब्जा कर रखा था, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
डीएम ने यह भी बताया कि यह इलाका मुस्लिम बहुल है और मंदिर पर कब्जे का मामला सामने आया है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, शिवलिंग की सफाई करते दिखे पुलिसकर्मी
मंदिर मिलने के बाद की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिसकर्मी खुद शिवलिंग और मूर्तियों की सफाई कर रहे हैं। इस घटना ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है, और लोग प्रशासन की सराहना कर रहे हैं।
सांसद के आवास के पास मंदिर मिलने से बढ़ा विवाद
चौंकाने वाली बात यह है कि यह मंदिर संभल के सांसद जियाउर्रहमान के घर से सिर्फ 200 मीटर की दूरी पर स्थित है। बीजेपी नेताओं और कई हिंदू संगठनों ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इतने सालों तक मंदिर बंद क्यों रखा गया?
“क्या स्थानीय प्रशासन और नेताओं को इस मंदिर के बारे में कोई जानकारी नहीं थी? अगर थी, तो इसे खुलवाने की कोशिश क्यों नहीं की गई?”
इलाके में धार्मिक माहौल, सुरक्षा बढ़ाई गई
मंदिर मिलने के बाद इलाके में धार्मिक संवेदनाएं भड़कने की आशंका के मद्देनजर पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
मंदिर का महत्व और भविष्य
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मंदिर संभल के इतिहास का अहम हिस्सा हो सकता है। अगर मंदिर वास्तव में 1000 साल पुराना साबित होता है, तो यह क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल बन सकता है।
राजनीतिक बयानबाजी शुरू
बीजेपी ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा है कि सरकार को इस मंदिर को पुनः स्थापित करने और इसके इतिहास को संरक्षित करने के लिए कदम उठाने चाहिए। वहीं, सपा ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है।
क्या है इस मंदिर की सच्चाई?
मंदिर मिलने की यह घटना न केवल संभल, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बन गई है।
- क्या यह मंदिर वास्तव में 1000 साल पुराना है?
- इतने सालों तक मंदिर बंद क्यों रहा?
- क्या यह मामला सिर्फ अवैध कब्जे का है या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है?
इन सवालों के जवाब एएसआई की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही सामने आ सकेंगे। फिलहाल, यह घटना धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के साथ-साथ राजनीतिक सरगर्मी भी बढ़ा रही है।



