Last Updated on December 30, 2024 by Ankur Sood
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स (PPIs) को थर्ड-पार्टी UPI ऐप्स के माध्यम से UPI भुगतान की अनुमति प्रदान की है। यह निर्णय डिजिटल भुगतान को और सुलभ एवं व्यापक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स (PPIs) क्या हैं?
प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स वे वित्तीय उपकरण हैं जिनमें उपयोगकर्ता पूर्व में धनराशि जमा करते हैं और भविष्य में लेनदेन के लिए उनका उपयोग करते हैं। इनमें डिजिटल वॉलेट, गिफ्ट कार्ड, और मेट्रो कार्ड शामिल हैं, जो वस्त्रों और सेवाओं की खरीद, वित्तीय सेवाओं के संचालन, और रेमिटेंस के लिए उपयोग किए जाते हैं।
UPI में बदलाव: अब थर्ड-पार्टी ऐप्स के माध्यम से PPI का उपयोग
पहले, PPI धारक केवल अपने जारीकर्ता के ऐप के माध्यम से ही UPI भुगतान कर सकते थे, जिससे उपयोगकर्ताओं की सुविधा सीमित थी। अब, पूर्ण KYC (Know Your Customer) वाले PPI धारक अपने उपकरणों को Google Pay, PhonePe, Paytm, और BHIM जैसे लोकप्रिय UPI ऐप्स से लिंक कर सकते हैं, जैसे वे अपने बैंक खातों को लिंक करते हैं।
सुरक्षा और प्रमाणीकरण
RBI के अनुसार, केवल पूर्ण KYC वाले PPI ही इस सुविधा के लिए पात्र होंगे। इन PPIs से उत्पन्न UPI लेनदेन उपयोगकर्ता के मौजूदा PPI क्रेडेंशियल्स का उपयोग करके प्रमाणित किए जाएंगे, जिससे लेनदेन UPI नेटवर्क तक पहुंचने से पहले ही पूर्व-स्वीकृत हो जाएगा। यह पूर्व-प्रमाणीकरण प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि PPI जारीकर्ता लेनदेन को UPI प्रणाली द्वारा संसाधित करने से पहले ही सत्यापित करता है।
डिजिटल भुगतान पर प्रभाव
यह निर्णय डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र में अंतर-संचालनीयता को बढ़ावा देता है, जिससे उपयोगकर्ताओं के लिए लेनदेन और भी सहज और सुविधाजनक हो जाएगा। इससे वित्तीय समावेशन को भी बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि अधिक लोग डिजिटल भुगतान की मुख्यधारा में शामिल हो सकेंगे।
BI का यह कदम भारत में डिजिटल भुगतान के परिदृश्य को और मजबूत करेगा, जिससे उपयोगकर्ताओं को अधिक सुविधा और सुरक्षा मिलेगी। यह निर्णय UPI को भारत में प्रमुख डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म के रूप में और सुदृढ़ करेगा, जिससे देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।



