Last Updated on February 10, 2025 by Ankur Sood
Manali. मनाली के ग्रामीण अब चिट्टे के खिलाफ मजबूती से खड़े हो गए हैं। ग्राम पंचायत मनाली के लोगों ने नशे के खिलाफ एकजुट होकर बड़ा फैसला लिया है। सोमवार को माता हिडिंबा और मनु ऋषि के भंडार के प्रांगण में आयोजित बैठक में सभी ग्रामीणों ने संकल्प लिया कि न तो गांव में नशे को पनपने देंगे और न ही इसकी बिक्री होने देंगे। पंचायत ने चिट्टा बेचने वालों और नशा करने वालों पर नजर रखने के लिए एक कमेटी गठित करने का निर्णय लिया है, जो लगातार इस गतिविधि पर नजर रखेगी।
ग्राम पंचायत प्रधान मोनिका भारती की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में महिला मंडल, युवक मंडल और बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों ने भाग लिया। बैठक में यह तय किया गया कि पंचायत क्षेत्र में रात 10:00 बजे के बाद सभी दुकानें, ढाबे और रेस्टोरेंट बंद किए जाएंगे। इसके अलावा, पंचायत ने नशे के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति अगर चिट्टा बेचने वालों या नशा करने वालों की सूचना देगा, तो उसे पंचायत की ओर से 15 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा।
नशे के खिलाफ पंचायत का सख्त निर्णय, नियमों की अवहेलना करने वालों पर लगेगा जुर्माना
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अब गांव में न डीजे बजेगा और न ही लाइव म्यूजिक चलेगा। इससे देर रात तक होने वाली गतिविधियों पर रोक लगेगी और नशे का माहौल बनने से बचाव होगा। पंचायत ने स्पष्ट कर दिया है कि इन नियमों की अवहेलना करने वालों पर पंचायत की ओर से सख्त जुर्माना लगाया जाएगा।
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इस मौके पर पंचायत ने एक विशेष कमेटी का गठन किया, जिसमें पंचायत प्रधान, उप प्रधान, महिला मंडल और युवक मंडल के लगभग 15 सदस्यों को शामिल किया गया। यह कमेटी गांव में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने का काम करेगी और नशा बेचने वालों की सूचना पुलिस को देगी।
युवा पीढ़ी को नशे से बचाने के लिए पंचायत ने की अपील
ग्राम पंचायत प्रधान मोनिका भारती ने कहा कि चिट्टे जैसी नशे की लत ने युवा पीढ़ी को बर्बाद कर दिया है। अगर समय रहते इसे नहीं रोका गया, तो आने वाली पीढ़ी अंधकार में चली जाएगी। उन्होंने कहा कि माता-पिता की जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने बच्चों पर नजर रखें और अगर कोई बच्चा देर से घर लौटता है, तो उससे पूछताछ करें।
बैठक में उप प्रधान रामलाल ठाकुर, सभी वार्डों के वार्ड पंच, महिला मंडल की सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने पंचायत के इस फैसले की सराहना की और नशे के खिलाफ लड़ाई में पूरी तरह सहयोग देने का संकल्प लिया।
गांव में नशे के खिलाफ यह कदम क्यों जरूरी था
मनाली और उसके आसपास के इलाकों में पिछले कुछ वर्षों में नशे का चलन तेजी से बढ़ा है। कई युवा नशे की गिरफ्त में आ चुके हैं और इसके कारण चोरी, हिंसा और अन्य अपराधों में भी बढ़ोतरी हुई है। ग्रामीणों का मानना है कि अगर अभी इस समस्या पर सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
पंचायत द्वारा उठाया गया यह कदम न केवल गांव के युवाओं को सुरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र में नशे के खिलाफ एक मजबूत संदेश भी देगा। पंचायत की ओर से इनाम की घोषणा करने से चिट्टा बेचने वालों की पहचान करना आसान होगा और पुलिस को समय रहते सूचना मिल सकेगी।
ग्रामीणों की मुहिम बनेगी मिसाल
Manali की ग्राम पंचायत द्वारा उठाए गए इस कदम को पूरे प्रदेश में मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है। अगर इसी तरह हर पंचायत अपने क्षेत्र में नशे के खिलाफ अभियान चलाए, तो हिमाचल को जल्द ही चिट्टे जैसी खतरनाक लत से मुक्त किया जा सकता है। पंचायत और ग्रामीणों की यह एकजुटता दिखाती है कि अगर समाज ठान ले, तो किसी भी बुराई को जड़ से मिटाया जा सकता है।
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