Last Updated on December 10, 2024 by Ankur Sood
नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल सेक्टर की प्रमुख कंपनी Poonawalla Fincorp में उथल-पुथल मच गई है। कंपनी के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO) धीरज सक्सेना ने इस्तीफा दे दिया है, और अपने रेजिग्नेशन लेटर में उन्होंने चीफ ह्यूमन रिसोर्स ऑफिसर (CHRO) पर उत्पीड़न और अनुचित हस्तक्षेप जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
धीरज सक्सेना का इस्तीफा और आरोप
धीरज सक्सेना ने 3 दिसंबर को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन इस सनसनीखेज खबर ने अब सुर्खियां बटोरी हैं। अपने रेजिग्नेशन लेटर में उन्होंने लिखा है, “CHRO के व्यवहार और हस्तक्षेप के कारण मेरी क्षमता प्रभावित हुई है, जिससे आईटी डिलीवरी और टीम में अशांति फैली है। मैंने सहयोग की पूरी कोशिश की, लेकिन दूसरे पक्ष का रवैया सहयोगात्मक नहीं रहा।”
कंपनी की चुप्पी और इमेज पर सवाल
Poonawalla Fincorp की तरफ से इस मामले पर अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, कंपनी ने रेगुलेटरी फाइलिंग में धीरज के इस्तीफे की पुष्टि की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद कंपनी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा सकता है, खासकर तब जब वह नॉन-बैंकिंग सेक्टर में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखने की कोशिश कर रही है।
टॉप मैनेजमेंट में हाल ही में हुआ बदलाव
गौरतलब है कि Poonawalla Fincorp के टॉप मैनेजमेंट में हाल ही में बड़े बदलाव हुए हैं। अरविंद कपिल को इस साल जून में कंपनी का MD और CEO नियुक्त किया गया था, जबकि हरीश कुमार ने जुलाई में CHRO की जिम्मेदारी संभाली थी।
कंपनी का नाम और पहचान
Poonawalla Fincorp पहले मैग्मा फिनकॉर्प के नाम से जानी जाती थी। 2021 में अदार पूनावाला की कंपनी राइजिंग सन होल्डिंग्स ने 60% हिस्सेदारी खरीदने के बाद इसे रीब्रांड किया। तब से कंपनी तेजी से अपनी नई पहचान बनाने की कोशिश कर रही है।
क्या यह विवाद कंपनी के लिए चुनौती बनेगा?
धीरज सक्सेना का इस्तीफा और उनके आरोप कंपनी के मैनेजमेंट और कार्य संस्कृति पर सवाल खड़े कर रहे हैं। क्या Poonawalla Fincorp इस विवाद से उबर पाएगी, या यह मामला कंपनी की छवि पर गहरा असर डालेगा?
पूरी कहानी जानने के लिए जुड़े रहें, क्योंकि यह मामला हर दिन नए मोड़ ले रहा है!
नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल सेक्टर की प्रमुख कंपनी Poonawalla Fincorp में उथल-पुथल मच गई है। कंपनी के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO) धीरज सक्सेना ने इस्तीफा दे दिया है, और अपने रेजिग्नेशन लेटर में उन्होंने चीफ ह्यूमन रिसोर्स ऑफिसर (CHRO) पर उत्पीड़न और अनुचित हस्तक्षेप जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
धीरज सक्सेना का इस्तीफा और आरोप
धीरज सक्सेना ने 3 दिसंबर को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन इस सनसनीखेज खबर ने अब सुर्खियां बटोरी हैं। अपने रेजिग्नेशन लेटर में उन्होंने लिखा है, “CHRO के व्यवहार और हस्तक्षेप के कारण मेरी क्षमता प्रभावित हुई है, जिससे आईटी डिलीवरी और टीम में अशांति फैली है। मैंने सहयोग की पूरी कोशिश की, लेकिन दूसरे पक्ष का रवैया सहयोगात्मक नहीं रहा।”
कंपनी की चुप्पी और इमेज पर सवाल
Poonawalla Fincorp की तरफ से इस मामले पर अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, कंपनी ने रेगुलेटरी फाइलिंग में धीरज के इस्तीफे की पुष्टि की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद कंपनी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा सकता है, खासकर तब जब वह नॉन-बैंकिंग सेक्टर में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखने की कोशिश कर रही है।
टॉप मैनेजमेंट में हाल ही में हुआ बदलाव
गौरतलब है कि Poonawalla Fincorp के टॉप मैनेजमेंट में हाल ही में बड़े बदलाव हुए हैं। अरविंद कपिल को इस साल जून में कंपनी का MD और CEO नियुक्त किया गया था, जबकि हरीश कुमार ने जुलाई में CHRO की जिम्मेदारी संभाली थी।
कंपनी का नाम और पहचान
Poonawalla Fincorp पहले मैग्मा फिनकॉर्प के नाम से जानी जाती थी। 2021 में अदार पूनावाला की कंपनी राइजिंग सन होल्डिंग्स ने 60% हिस्सेदारी खरीदने के बाद इसे रीब्रांड किया। तब से कंपनी तेजी से अपनी नई पहचान बनाने की कोशिश कर रही है।
क्या यह विवाद कंपनी के लिए चुनौती बनेगा?
धीरज सक्सेना का इस्तीफा और उनके आरोप कंपनी के मैनेजमेंट और कार्य संस्कृति पर सवाल खड़े कर रहे हैं। क्या Poonawalla Fincorp इस विवाद से उबर पाएगी, या यह मामला कंपनी की छवि पर गहरा असर डालेगा?
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