Last Updated on January 27, 2025 by Ankur Sood
Shimla. हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में हुए बहुचर्चित Gudiya Case ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं। इस दर्दनाक मामले में पीड़िता की मां ने न्याय की उम्मीद में एक नई जांच की मांग की है। 2017 में हुए इस जघन्य अपराध ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया था और आज भी यह मामला न्याय की प्रतीक्षा में है।
क्या है Gudiya Case?
गुड़िया नामक इस मामले में 16 वर्षीय छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या की घटना सामने आई थी। यह मामला शिमला के कोटखाई क्षेत्र का है, जहां स्कूल से घर लौटते समय पीड़िता लापता हो गई थी। कुछ दिन बाद उसका शव जंगल में मिला। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बलात्कार और हत्या की पुष्टि हुई।
इस घटना के बाद हिमाचल प्रदेश में जनता का आक्रोश फूट पड़ा और राज्यव्यापी प्रदर्शन हुए।
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शुरूआती जांच पर उठे सवाल
इस मामले की जांच शुरू में हिमाचल पुलिस ने की थी, लेकिन जांच में गंभीर खामियां सामने आने पर इसे सीबीआई को सौंप दिया गया। सीबीआई ने जांच के दौरान कोटखाई पुलिस थाने में आरोपी सूरज की हिरासत में मौत को लेकर भी सवाल उठाए।
सीबीआई की जांच के बाद इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, पीड़िता की मां का कहना है कि न्याय अब तक नहीं हुआ है और उन्होंने मामले की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए नई जांच की मांग की है।
पीड़िता की मां की नई मांग
पीड़िता की मां ने राज्य सरकार और न्यायपालिका से इस केस की फिर से जांच कराने की अपील की है। उनका कहना है कि अब तक की जांच में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी के साथ हुई दरिंदगी के गुनहगारों को सजा मिलनी चाहिए।
जनता और सामाजिक संगठनों का रुख
गुड़िया केस ने समाज में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कई सामाजिक संगठनों ने इस केस की नई जांच की मांग का समर्थन किया है। उनका मानना है कि पीड़िता और उसके परिवार को न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया
हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस मामले को लेकर गंभीरता जताई है। मुख्यमंत्री ने इस पर बयान देते हुए कहा है कि वह पीड़िता के परिवार की भावनाओं का सम्मान करते हैं और न्याय सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे।
हिमाचल में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल
गुड़िया केस ने हिमाचल जैसे शांत और सुरक्षित माने जाने वाले राज्य में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना न केवल न्याय व्यवस्था बल्कि समाज में महिलाओं के प्रति बदलते रवैये पर भी चिंतन करने की जरूरत को उजागर करती है।






