Last Updated on November 13, 2024 by Ankur Sood
Himachal Pradesh High court ने प्रदेश के 50 बड़े उद्योगों को बिजली subsidy मामले में राहत प्रदान की है। अब इन उद्योगों को प्रति यूनिट बिजली पर एक रुपये की subsidy मिलती रहेगी। राज्य विद्युत बोर्ड द्वारा subsidy बंद करने के आदेश को उद्योगपतियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें विद्युत विनियामक आयोग से subsidy बंद करने की मंजूरी न लेने का हवाला दिया गया। अब High court ने इन उद्योगों को अस्थायी राहत देते हुए सरकार के आदेश पर रोक लगा दी है। सभी मामलों की सुनवाई 14 नवंबर को एक साथ होगी।
बिजली सब्सिडी पर रोक हटाने के लिए सरकार की अपील
12 अक्तूबर से बिजली बोर्ड ने सब्सिडी खत्म कर दी थी, जिससे बिजली बिलों में प्रति यूनिट एक रुपये का इज़ाफा हो गया। इससे प्रभावित उद्योगों ने तुरंत अदालत का रुख किया। न्यायाधीश संदीप शर्मा की एकल पीठ ने 29 अक्तूबर को दिए अपने आदेश में सरकार के सब्सिडी बंद करने के फैसले पर रोक लगाई थी। अदालत ने इस विषय में करीब 50 उद्योगों को राहत प्रदान करते हुए उनके बिजली बिलों पर पूर्ववत सब्सिडी जारी रखने का निर्देश दिया है। सरकार ने हाईकोर्ट में जवाब दाखिल कर इस रोक को हटाने का आग्रह किया है।
Mining Royalties पर GST लगाने का अधिकार बरकरार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य के Mining Royalties पर वस्तु एवं सेवा कर (GST) लगाने के अधिकार को बरकरार रखा है। कोर्ट ने इस मामले में मैसर्स लखविंदर सिंह स्टोन क्रशर बनाम भारत संघ एवं अन्य के याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के “Mineral Area Development Authority vs Steel Authority of India” मामले के फैसले के आधार पर यह निर्णय लिया। इसमें कहा गया कि Mining Royalty सेवा के लिए भुगतान है, और इस पर GST लगना जायज़ है।
पर्यटन निगम से घाटे की संपत्तियों का लेखा-जोखा मांगा
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पर्यटन विकास निगम को घाटे में चल रही संपत्तियों की जानकारी अदालत में प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं। यह आदेश अदालत ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सेवा लाभ से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान जारी किया। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल ने निगम को सेवानिवृत्त कर्मचारियों को ग्रेच्युटी, लीव एनकैशमेंट, और अन्य लाभ समय पर प्रदान न करने पर कड़ी फटकार लगाई है।



