Last Updated on November 13, 2024 by Ankur Sood
Shimla. Himachal Pradesh में Pradhan Mantri Awas Yojan (PMAY) के तहत पिछले वित्त वर्ष के 4,153 लाभार्थियों को अब तक उनकी दूसरी किस्त नहीं मिल पाई है। इसी के साथ, चालू वित्त वर्ष में 79,652 नए घरों का लक्ष्य है, जिसमें से 20,262 लाभार्थियों को अभी तक पहली किस्त नहीं मिली है। इससे गरीब परिवारों का अपने घर का सपना अधूरा रह गया है।
वित्त वर्ष 2023-24 के लिए हिमाचल प्रदेश में 13,316 घरों के निर्माण का लक्ष्य तय किया गया था। इनमें से 13,037 लाभार्थियों का पंजीकरण किया गया, जिनमें से 12,954 को जियो टैग से पंजीकृत किया गया था। अब तक 12,585 लाभार्थियों को पहली और 8,432 को दूसरी किस्त जारी कर दी गई है, लेकिन 4,153 लाभार्थियों को अभी भी दूसरी किस्त का इंतजार है।
2024-25 में अब तक की प्रगति
चालू वित्त वर्ष में निर्धारित 79,652 मकानों के लक्ष्य में से 69,173 लाभार्थियों ने घर बनाने के लिए पंजीकरण करवाया है, जिनमें से 48,278 को पहली किस्त प्राप्त हो चुकी है। हालांकि, 20,262 लाभार्थी अभी भी पहली किस्त के लिए इंतजार कर रहे हैं।
बीते वित्त वर्ष में 9,627 लाभार्थियों को तीसरी किस्त नहीं मिल पाई, जबकि 2023-24 के दौरान 3,986 लोगों ने घर बनाए, जिन्हें 1.5 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई थी। वर्ष 2024-25 में अब तक केवल दो लाभार्थियों के घर पूरे हुए हैं। इस देरी का मुख्य कारण केंद्र से बजट का न आना बताया गया है।
प्रतीक्षा में हैं हजारों लाभार्थी
BDO ऊना के अनुसार, विभाग को केंद्र से बजट मिलने के बाद ही सभी लंबित किस्तों का वितरण किया जाएगा। जैसे ही केंद्र सरकार की ओर से धनराशि आवंटित होती है, पात्र लाभार्थियों को जल्द ही उनकी किस्तों का लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाएगा।



