Last Updated on November 26, 2024 by Ankur Sood
Pan Card में आएगा नया बदलाव
आयकर विभाग द्वारा जारी 10-अंकीय अल्फान्यूमेरिक पर्मानेंट अकाउंट नंबर (PAN) अब एक नए रूप में सामने आएगा। सरकार ने “पैन 2.0 प्रोजेक्ट” को मंजूरी दे दी है, जिसमें पुराने और नए पैन कार्ड में QR कोड जोड़ा जाएगा। साथ ही, सभी पहचान नंबरों को एकीकृत कर पैन को व्यवसायों के लिए “कॉमन आइडेंटिफायर” बनाया जाएगा।
कैबिनेट ने दी PAN 2.0 प्रोजेक्ट को मंजूरी
सोमवार (25 नवंबर) को केंद्रीय कैबिनेट ने पैन 2.0 प्रोजेक्ट को मंजूरी दी। इस परियोजना का उद्देश्य पैन को “सिंगल सोर्स ऑफ ट्रुथ” और “डेटा कंसिस्टेंसी” के रूप में स्थापित करना है। यह परियोजना 1,435 करोड़ रुपये की लागत से पूरी की जाएगी और इसका मुख्य उद्देश्य आयकर व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है।
Pan Card 2.0 Project की प्रमुख विशेषताएं
- QR कोड: सभी नए और पुराने पैन कार्ड में QR कोड जोड़ा जाएगा, जिससे डेटा को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जा सकेगा।
- डेटा वॉल्ट सिस्टम: पैन डेटा को सुरक्षित रखने के लिए एक अनिवार्य डेटा वॉल्ट सिस्टम बनाया जाएगा। इसे विशेष रूप से बैंकों और अन्य संस्थाओं के लिए अनिवार्य किया गया है।
- ऑनलाइन प्रक्रिया: पैन कार्ड बनाने और अपग्रेड करने की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन और पेपरलेस होगी।
- यूनिफाइड पोर्टल: करदाताओं की शिकायतों के समाधान और बेहतर सेवा के लिए एक नया पोर्टल लॉन्च किया जाएगा।
व्यवसायों के लिए Common Identifier
नए प्रोजेक्ट के तहत पैन को व्यवसायों के लिए एकल पहचान संख्या (कॉमन बिजनेस आइडेंटिफायर) के रूप में स्थापित किया जाएगा। इस पहल से व्यवसायियों को TAN और TIN जैसी कई अलग-अलग पहचान संख्याओं की आवश्यकता नहीं होगी।
मौजूदा Pan धारकों को मुफ्त अपग्रेड
वर्तमान में लगभग 78 करोड़ पैन कार्ड धारक हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा पैन नंबर वही रहेगा, लेकिन कार्ड को अपग्रेड किया जा सकता है। यह अपग्रेड मुफ्त में उपलब्ध होगा।
नागरिकों और व्यवसायों के लिए लाभ
इस नई प्रणाली के तहत व्यक्तिगत और व्यवसायिक लेन-देन को और अधिक सरल और सुरक्षित बनाया जाएगा। पैन 2.0 प्रोजेक्ट से टैक्स रिटर्न दाखिल करने और अन्य वित्तीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता आएगी।
Pan 2.0 Project देश के आयकर सिस्टम को आधुनिक बनाने और नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।



