Last Updated on December 13, 2024 by Ankur Sood
Himachal Pradesh. शुक्रवार को राज्यसभा में हिमाचल प्रदेश के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई। केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राज्यसभा में सांसद डॉ. सिकंदर कुमार के सवाल के जवाब में बताया कि हिमाचल प्रदेश के लिए 63.34 करोड़ रुपये की पर्यटन परियोजना को मंजूरी दी गई है। यह कदम हिमाचल प्रदेश में पर्यटन को नई ऊंचाई पर ले जाने की दिशा में बड़ा बदलाव लाएगा।
स्वदेश दर्शन योजना-2: हिमाचल के खास स्थानों को मिलेगा नया आयाम
पर्यटन मंत्रालय ने स्वदेश दर्शन योजना-दो के तहत हिमाचल के तीन प्रमुख स्थलों को पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है।
- पौंग बांध: इसे एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
- काजा (लाहौल-स्पीति): इसे संस्कृति और विरासत गंतव्य की श्रेणी में रखा गया है।
- छितकुल (किन्नौर): इसे जीवंत ग्राम कार्यक्रम के तहत विकसित किया जाएगा।
ये परियोजनाएं न केवल हिमाचल में पर्यटन को बढ़ावा देंगी बल्कि स्थानीय रोजगार के अवसरों को भी बढ़ाएंगी।
देशभर में 5,000 करोड़ की परियोजनाएं, Himachal को भी मिला बड़ा हिस्सा
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि 5,000 करोड़ रुपये की 76 परियोजनाएं देशभर में स्वीकृत की गई हैं, जिनमें हिमाचल की 63 करोड़ रुपये की परियोजना शामिल है। यह हिमाचल प्रदेश के पर्यटन को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
वन्यजीव संरक्षण के लिए भी बड़ी राशि मंजूर
सांसद डॉ. सिकंदर कुमार के एक अन्य सवाल के जवाब में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण के लिए 7.66 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है। इस धनराशि का उपयोग अवैध शिकार रोकने, वन अग्नि सुरक्षा, और निगरानी कर्ताओं की तैनाती के लिए किया जाएगा।
Himachal के लुप्तप्राय प्रजातियों पर भी नजर
केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि हिमाचल प्रदेश से गंभीर रूप से लुप्तप्राय प्रजातियों के विलुप्त होने को लेकर कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। यह एक सकारात्मक संकेत है कि हिमाचल का पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण प्रभावी रूप से चल रहा है।
पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
इन परियोजनाओं से न केवल Himachal का पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को भी रोजगार के कई नए अवसर मिलेंगे। पौंग बांध जैसे स्थानों पर पर्यटकों की बढ़ती संख्या से क्षेत्रीय व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा। काजा और छितकुल जैसे स्थलों का विकास हिमाचल की संस्कृति और प्राकृतिक खूबसूरती को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाएगा।
Himachal को मिलेगी नई पहचान
केंद्र सरकार की इस पहल से Himachal प्रदेश का पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण दोनों ही मजबूत होंगे। यह न केवल हिमाचल के स्थानीय लोगों के लिए बल्कि पर्यटकों के लिए भी बड़ी खुशखबरी है।
Himachal के इन शानदार स्थलों की यात्रा अब और भी दिलचस्प और सुविधाजनक होने वाली है। क्या आप हिमाचल के इन नए पर्यटन स्थलों की सैर के लिए तैयार हैं?



